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बीना में एक दिन में ही वितरित हो गया 120 टन डीएपी खाद, बारिश में सुबह से गोदाम पहुंचे किसान, निराश लौटे

ई-टोकन व्यवस्था फिर हुई शुरू, इस बार किया गया है बदलाव, चौबीस घंटे में हो जाएगा टोकन कैंसिल, मिल सकेगा ज्यादा मात्रा में खाद, नहीं होगी परेशानी, बीना में डीएपी खाद की किल्लत
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120 tonnes of DAP fertilizer distributed in a single day; farmers who reached the warehouse in the rain from the morning returned disappointed

खाद लेने गोदाम पहुंचे किसान। फोटो-पत्रिका

बीना. बिहरना गोदाम में 120 टन डीएपी खाद आया था, जो बुधवार को ही वितरित कर दिया गया था, लेकिन इसकी जानकारी किसानों को नहीं थी। गुरुवार सुबह तेज बारिश के दौरान भी बड़ी संख्या में किसान गोदाम खाद लेने पहुंच गए थे। घंटों काउंटर खुलने का इंतजार करने के बाद वह वापस लौट आए। साथ ही अब खाद वितरण फिर ई-टोकन से किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार बुधवार को सुबह से रात 9 बजे तक डीएपी का वितरण किया गया था, जिससे स्टॉक खत्म हो गया था। जबकि कई किसान भीड़ ज्यादा होने के कारण खाद लिए बिना ही लौट आए थे और दूसरे दिन खाद लेने गोदाम पहुंचे थे। काउंटर पर कतार में घंटों खड़े रहे और फिर वापस लौटना पड़ा। साथ ही अब खाद के लिए फिर ई-टोकन प्रणाली शुरू कर दी है और ई-विकास 2.0 प्रणाली में कुछ बदलाव भी किए गए हैं, जिससे किसानों को परेशानी न हो। गौरतलब है कि पूर्व में ई-टोकन में कमियां होने पर किसान संघों ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद कुछ दिनों के लिए यह प्रणाली बंद कर दी गई थी। इस बार हुए बदलाव के बाद किसानों को राहत है या नहीं यह कुछ दिनों बाद स्पष्ट हो पाएगा।

ई-विकास 2.0 प्रणाली में यह हुए बदलाव


ई-विकास 2.0 प्रणाली में पूर्व की तरह किसान ई-टोकन बुक करके जिले की किसी भी दुकान से खाद ले सकते हैं, लेकिन अब ज्यादा खाद लेने के लिए 50 शब्दों में कारण बताने की बाध्यता हटा दी गई है। साथ ही उर्वरक की गणना अब प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर की जाएगी और किसान टोकन जनरेट करने के 24 घंटे के भीतर उसे निरस्त भी कर सकता है। फसल खराब होने की स्थिति में किसान को दोबारा उर्वरक की मांग करने के लिए एक्सेप्शनल हैंडलिंग की सुविधा मिलेगी। ऐसे मामलों का अनुमोदन तहसीलदार या एसडीएम द्वारा अधिकतम 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।

टोकन होने लगे हैं बुक


ई-टोकन बुक होने लगे हैं और बुधवार को क्षेत्र के किसानों ने टोकन बुक कर खाद लिया है। इस बार किसानों की सुविधा के लिए इस प्रणाली में बदलाव किए गए हैं।
अवधेश राय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीना