सागर

सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा, नपा की कार्रवाई रुकी, हादसों का बड़ा खतरा

मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों तक स्थिति खराब, लोग कर रहे पकड़ने की मांग, नगर पालिका का पिछले कई माह से रुका मवेशी पकड़ने का अभियान
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Jul 18, 2026
Cattle crowding the streets; municipal action stalled; high risk of accidents.
स्टेशन रोड पर मवेशियों का जमावड़ा। फोटो-पत्रिका

बीना. शहर की सड़कों पर मवेशियों का बढ़ता जमावड़ा वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्र और वार्डों की सडक़ों पर मवेशी दिनभर बैठे या घूमते रहते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। इसके बाद भी नगर पालिका द्वारा इन्हें पकड़कर उचित स्थान पर छोडऩे की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नगर पालिका ने कुछ माह पहले तक ट्राला के माध्यम से सड़कों से मवेशियों को पकड़कर हटाने का अभियान चलाया था। मवेशियों को गोशाला भेजा गया था, लेकिन तब भी पूरी तरह से इस समस्या से निजात नहीं मिली थी। अभियान रुकते ही मवेशियों की संख्या मुख्य सड़कों पर और वार्डों के अंदर बढ़ने लगी है। बारिश के मौसम में समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि मवेशी एकत्रित होकर सड़क पर आ जाते हैं। कई स्थानों पर सड़क के बीचोंबीच मवेशी बैठने से वाहन चालक टकरा जाते हैं। नगर पालिका में मवेशी पकडऩे के लिए ट्राला भी है, इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शुक्रवार की शाम गांधी चौराहा से सर्वोदय चौराहा तक तीस मवेशी सड़क पर बैठे हुए थे। रात में यह संख्या दोगुनी हो जाती है।

वार्डों में लोगों को घायल कर रहे मवेशी
वार्डों के अंदर भी मवेशियों का जमावड़ा है और स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालकों को हमेशा खतरा बना रहता है। मवेशियों के लड़ाई में आए दिन वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। साथ ही आए दिन किसी न किसी व्यक्ति को घायल कर रहे हैं। लोग इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन से लेकर सीएमओ से कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है।

कचरा के ढेरों में लगता है जमावड़ा
रात के समय होटल संचालक सड़क किनारे कचरा फेंकते हैं और इन ढेरों में रात के समय मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, यह मवेशी आधी सडक़ पर आ जाते हैं। यदि लोग जागरूक होकर सडक़ किनारे कचरा न फेंके तो कुछ हद तक यह समस्या हल हो जाएगी।

नगर निगम से मांगा जा रहा ट्राला
नगर पालिका के पास छोटा ट्राला है और बहुत कम मवेशी बनते हैं, जिससे गोशाला तक भेजने में खर्च ज्यादा आता है, इसलिए नगर निगम का बड़ा ट्राला मंगाने के लिए एसडीएम से चर्चा की है, जिससे एक बार में 25 से 30 मवेशी गोशाला भेजे जा सकें।
राहुल कौरव, सीएमओ, बीना

Updated on:
18 Jul 2026 11:49 am
Published on:
18 Jul 2026 11:49 am