चनाटौरिया स्थित नयाखेड़ा गांव में आयोजित हो रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान शिव माता पार्वती का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा वाचक अजय कृष्णा रसिक ने कहा कि शिव कथा सुनने से मनुष्य के सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। उन्होंने अन्नदान का महत्व बताते हुए कहा कि जिसे भूख […]
चनाटौरिया स्थित नयाखेड़ा गांव में आयोजित हो रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान शिव माता पार्वती का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा वाचक अजय कृष्णा रसिक ने कहा कि शिव कथा सुनने से मनुष्य के सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। उन्होंने अन्नदान का महत्व बताते हुए कहा कि जिसे भूख हो, दान उसे ही देना चाहिए। बगैर गायत्री वाले ब्राह्मण को दान देना वर्जित बताया गया है। गायत्री के बिना ब्राह्मण अधूरा है। दान ना कर सको तो शिव पूजन अभिषेक अवश्य करो। 9 करोड़ भगवान शिव के पंचाक्षरी जप करने से रुद्र स्वरूप हो जाता है। पार्थिव शिवलिंग सूर्य अस्त से पहले विसर्जित कर दिया जाना चाहिए। जो शिवलिंग की पूजा करता है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। एक धार से ही भोले बाबा को जल अर्पित करना चाहिए। शिव भक्तों के बारे में बताते हुए कहा कि शिव भक्त यमलोक नहीं शिवलोक को प्राप्त होता है। कथा में मुख्य यजमान सुधा पवन शर्मा सहित उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव पार्वती के पैर पखार कर जमकर नृत्य किया। कथा में अनिल पांडे, ज्ञानचंद शर्मा, महेश दत्त त्रिपाठी, रामकृष्ण गर्ग, शेखर तिवारी, बैजनाथ सिंह ठाकुर, उषा यादव, महेश आदि उपस्थित रह।