सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल के 40 दिनों तक व्रत एवं पूजा कर प्रतिदिन आरती कर यह पर्व मनाया जाता है। समापन पर सुबह 7 बजे चालिहा हाल में विजय लालवानी के भजनो ने नाचने पर मजबूर कर दिया।
भगवान झूलेलाल चालिहा का समापन सोमवार को गया। सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल के 40 दिनों तक व्रत एवं पूजा कर प्रतिदिन आरती कर यह पर्व मनाया जाता है। समापन पर सुबह 7 बजे चालिहा हाल में विजय लालवानी के भजनो ने नाचने पर मजबूर कर दिया। सुबह 8.30 बजे भगवान झूलेलाल की आरती लालाराम मेठवानी ने की। पलव पाकर अरदास की गई। सुबह 10 बजे बहराना साहिब की सवारी के साथ झूलेलाल की मूर्ति के समाज के लोगों ने दर्शन किए। अखंड ज्योति (बहराणा साहिब) की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा झूलेलाल मंदिर से गुरुनानक कॉलोनी, कुकरेजा गली, मनवानी गली, शास्री वार्ड से होकर सिंधी गुरुद्वारा से वापस झूलेलाल मंदिर में पहुंची। शोभायात्रा में सिंधी समाज के लोगों ने अपने घरों की छतों से फूलों की वर्षा की और घरो के सामने बहराणा साहिब का स्वागत किया। शाम 5 बजे लालाराम मेठवानी, सुरेश मोहनानी, रुपेश मनवानी, दौलत तलरेजा, विजय लालवानी, वीनू आहूजा, दिलीप वाधवानी ने पल्लव पाकर अरदास की और अखंड ज्योति को चकराघाट में विसर्जित किया। कार्यक्रम में महिला मंडल अध्यक्ष दिया राजपूत, समाजसेवी दौलत नागवानी, सुरेश मोहनानी, श्रीमती मोनिका मेठवानी, दीपांशु नागदेव, वंदना लालवानी, कोयल शादीजा, राजेश मनवानी, वीनू आहूजा, विजय लालवानी, दीपांशु नागदेव, भारती मोहनानी व मोनिका मेठवानी आदि मौजूद रहे।