सागर

अपने ही बन रहे हैवान, बहन-बेटियां संबंधियों और परिचितों से भी सुरक्षित नहीं

महिला संबंधी अपराधों में रिश्तेदार बने आरोपी, अपराधों के विरुद्ध महिला सुरक्षा अभियान

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Feb 19, 2025
Crime News

लगातार बढ़ते महिला संबंधी अपराधों में सगे संबंधियों की भूमिका भी बढ़ रही है। बहन-बेटियां बाजार, स्कूल-कॉलेज के साथ अब घर के आसपास भी सुरक्षित नहीं है। पिछले कुछ समय में बलात्कार व पॉक्सो के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने पीडि़ता के परिजनों के साथ सगे संबंधियों या रिश्तेदारों को मामले में आरोपी बनाया है। इन अपराधों को रोकने जागरुकता कार्यक्रम तो आयोजित हो रहे हैं, लेकिन उनका कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है।
अप्रेल 2024 में जैसीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां माता-पिता के साथ सो रही 4 साल की मासूम का अपहरण किया और बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि आरोपी कोई और नहीं बल्कि पीडि़ता का रिश्तेदार है। आरोपी को पहचान उजागर होने का डर था तो उसने पत्थर से कुचलकर मासूम की हत्या कर दी थी।
दिसंबर 2024 में बंडा थाना क्षेत्र की एक शासकीय स्कूल में 15 साल की किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद नवजात को मुक्तिधाम लेकर जला दिया गया। मामला सामने आने के बाद जब पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि पीडि़ता शादी समारोह में शामिल होने अपने चाचा के यहां गई थी, जहां अकेला पाकर उसी के एक परिजन ने बलात्कार किया, जिससे वह गर्भवती हो गई।
करीब 20 दिन पहले सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में पीडि़ता की शिकायत पर पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज किया था। 20 वर्षीय मानसिक रूप कमजोर युवती के पति का देहांत होने के बाद वह 2 माह से मायके में रह रही थी। घटना के दिन पीडि़ता की मां काम पर गई और इसी बीच 54 वर्षीय रिश्तेदार ने पीडि़ता को अकेला पाकर उसके साथ बलात्कार किया।
एक्सपर्ट व्यू
सगे संबंधियों द्वारा बलात्कार करने जैसी घटनाएं पहले भी होती थीं, लेकिन अब इस प्रकार के अपराध बढऩे लगे हैं। पोर्नोग्राफी, इंटरनेट साइट पर अश्लील चीजें देखकर लोगों में इस प्रकार की मानसिक विकृति बढ़ती है, इसके बाद वह उस बच्ची या बच्चे को शिकार बनाते हैं जो कमजोर या नासमझ हो। बदनामी के डर से परिवार के लोग भी ऐसे मामले खुद ही दबा देते हैं। ऐसे कई मामले मेरे सामने आए हैं, जिनमें सगे संबंधियों की गलत हरकतों के कारण पीडि़ता डिप्रेशन में चली गई तो किसी ने आत्महत्या का प्रयास किया। इन घटनाओं को रोकने बच्चों को अवेयर करने की जरूरत है, यह उनके परिजनों को ही करना होगा। उन्हें गुड टच, बेड टच के बारे में बताना होगा, आज खुलकर सेक्स एजुकेशन की बात करने की जरूरत है। इससे कुछ हद तक ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है। डॉ. आदित्य दुबे, मनोचिकित्सक, जिला अस्पताल

Published on:
19 Feb 2025 04:57 pm
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