रात भर चला कव्वालियों व गजलों का दौर सागर. सर्वधर्म कौमी एकता के प्रतीक धामौनी वाले बाबा के तीन दिवसीय सालाना उर्स के आखिरी दिन भीड़ उमड़ी। आयोजन उर्स कमेटी के अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उर्स के समापन पर साबिर हुसैन, अक्षय गुरु आदि अतिथियों का दरगाह प्रबंधन […]
रात भर चला कव्वालियों व गजलों का दौर
सागर. सर्वधर्म कौमी एकता के प्रतीक धामौनी वाले बाबा के तीन दिवसीय सालाना उर्स के आखिरी दिन भीड़ उमड़ी। आयोजन उर्स कमेटी के अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उर्स के समापन पर साबिर हुसैन, अक्षय गुरु आदि अतिथियों का दरगाह प्रबंधन कमेटी द्वारा स्वागत किया गया। दरगाह प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष काजी खान बहादुर ने बताया कि उर्स के अंतिम दिन हिंदुस्तान के मशहूर फनकार नौशाद शोला कव्वाल पार्टी अजमेर और शहनाज कव्वाल पार्टी के बीच कव्वालियों और गजलों का शानदार मुकाबला हुआ। दोनों कव्वाल पार्टियों ने दूल्हा बने हैं हिन्द के राजा, अल्लाहुम्मा सल्लेअला सैयदना मौला या मुहम्मद, हम नबी के हैं दीवाने की शानदार प्रस्तुति दी। जिसे सुनने के लिए लोग रात भर उर्स के मैदान पर डटे रहे। दूर-दूर से आए लोगों ने बाबा की दरगाह में पहुंचकर माथा टेका और फिर कव्वालियों के साथ उर्स मेले का भी आनंद लिया।
उर्स के मौके पर आकर्षक विद्युत सजावट की गई। बाबा की दरगाह पर देश की एकता व अखंडता, अमन, चैन की दुआ की गई। कार्यक्रम का संचालन अशरफ खान ने और आभार मोहम्मद फिरदोश ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बंडा तहसीलदार डीसी राय, शाहिद भाई, रहीश मकरानी, अजीज बम्होरी, मजीद भाई बंडा, काजी मेहताबउद्दीन, अजीम अंसारी, रफीक अहमद आदि मौजूद थे।