महाशिवरात्रि पर्व पर शहर के विभिन्न शिवालयों में होने वाले शिव-पार्वती विवाह की तैयारियां जारी हैं। मंदिरों में सफाई के साथ आकर्षक विद्युत सज्जा की जा रही है।
26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन को भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है, साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन श्रवण नक्षत्र रहेगा, जो शाम 5.08 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही परिधि योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन की गई पूजा को अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
महाशिवरात्रि पर्व पर शहर के विभिन्न शिवालयों में होने वाले शिव-पार्वती विवाह की तैयारियां जारी हैं। मंदिरों में सफाई के साथ आकर्षक विद्युत सज्जा की जा रही है। विभिन्न मंदिरों में विवाह की रस्म भी शुरू हो गई हैं। देव धनेश्वर मंदिर, चंपा बाग हनुमान मंदिर, महाकाली मंदिर चमेली चौक, भीतर बाजार स्थित गौरी-शंकर मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर सिविल लाइन, कांच मंदिर मछरयाई, गुरदासमल मंदिर सिंधी कॉलोनी सहित कई मंदिरों में शिव विवाह की रस्मों के साथ ही महिला संगीत के कार्यक्रमों का आयोजन होगा। महाशिवरात्रि पर देव धनेश्वर शिवालय को एक क्विंटल फूलों और सतरंगी लाइटों से सजाया जाएगा। पुजारी पंकज पंडा ने बताया कि साजो-सज्जा के लिए सतरंगी लाइटें मंगाई गई है। मंदिर में सजावट का जल्द शुरू हो जाएगा।
महाशिवरात्रि के मौके पर जय महाकाल हिंदू संगठन शाही बारात निकालेगा। शाही बारात के लिए बाबा महाकाल को प्रथम निमंत्रण 20 फरवरी को दिया जाएगा। पहले निमंत्रण के साथ ही विवाह की रस्म शुरू हो जाएंगी। बारात में बाबा महाकाल को अर्पित हुई बेलपत्र, चांदी की माला, चांदी की चरण पादुका इस बार चलेंगे। बाबा की पादुका को सागर श्रद्धालु भी स्पर्श कर पूजन कर सकेंगे। यह जानकारी जय महाकाल हिन्दू संगठन के पुजारी पं रघु शास्त्री ने दी।