बीना. फसलों में हजारों रुपए की लागत लगाने के बाद भी मंडी में उपज के दाम न मिलने पर किसान परेशान हैं। मटर के दाम पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे हैं और इसके बाद भी व्यापारी मनमर्जी से दाम तय कर रहे हैं, कम दाम मिलने पर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। शुक्रवार को […]
बीना. फसलों में हजारों रुपए की लागत लगाने के बाद भी मंडी में उपज के दाम न मिलने पर किसान परेशान हैं। मटर के दाम पिछले वर्ष की अपेक्षा आधे हैं और इसके बाद भी व्यापारी मनमर्जी से दाम तय कर रहे हैं, कम दाम मिलने पर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसानों ने डाक रद्द भी करा ली।
ग्राम सतौरिया से मटर उपज बेचने आए किसान विशाल प्रजापति ने बताया कि व्यापारियों ने 2200 रुपए क्विंटल में डाक, नीलामी की थी। जबकि उपज में कोई खराबी नहीं थी। इसके बाद भी मनमर्जी करते हुए दाम 2200 रुपए लगाए गए, जिससे डाक रद्द करानी पड़ी और उपज घर वापस ले जानी पड़ रही है। जबकि 12000 रुपए क्विंटल का बीज खरीदकर बोवनी की थी और खाद, दवाओं में हजारों रुपए की लागत लगाई है। यदि दाम कम मिले, तो लागत भी नहीं निकल पाएगी। वहीं, किसान नरेन्द्र ने बताया कि अच्छी क्वालिटी का मटर के दाम 3935 रुपए क्विंटल व्यापारियों ने डाक, नीलामी में तय किए थे, जो बहुत कम थे, इसलिए डाक रद्द करा ली है। ऐसे कई किसान दाम कम मिलने पर डाक रद्द कराकर उपज वापस ले गए। जबकि मंडी में शुक्रवार को मटर के दाम 3218 से 4900 रुपए क्विंटल रहे। इसके बाद भी न्यूनतम दाम से कम पर उपज की नीलामी की गई। इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। दाम कम मिलने पर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा और उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे हैं।
एक अधिकारी ने माना दाम बहुत कम थे
मंडी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2200 रुपए क्विंटल जिस मटर के तय किए गए थे वह बहुत कम थे। वह उपज करीब 3000 रुपए क्विंटल तक बिक सकती थी।