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बीना. रेलवे ने जबलपुर-कोटा रेलखंड पर मालगाड़ियों के लिए स्टेशन से बाहर बाइपास ट्रैक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। लगभग 166 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन में सर्वे कार्य के लिए 83 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ बीना जंक्शन को मिलने की उम्मीद है, जो वर्तमान में माल और यात्री ट्रेनों के दबाव से जूझ रहा है।
प्रस्ताव के अनुसार, जबलपुर, कोटा, बीना, गुना, रुठियाई, सवाई माधोपुर और रामगंज मंडी जैसे प्रमुख स्टेशनों के बाहर अलग से बाइपास ट्रैक विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य मालगाडिय़ों को सीधे आगे बढ़ाना है, ताकि उन्हें जंक्शन पर खड़ा न करना पड़े। वर्तमान में जंक्शन पर 100 यात्री ट्रेन रुकती हैं, वहीं 60 यात्री ट्रेनें थ्रू निकलती हैं। इसके अलावा चारों दिशाओं से हर दिन 60 मालगाड़ियां निकलती हैं।
बीना जंक्शन को मिलेगी जाम से मुक्ति
बीना जंक्शन मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण रेल जंक्शन है, जहां से उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की ओर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें गुजरती हैं। वर्तमान में मालगाडिय़ों को प्लेटफॉर्म या आउटर पर रोका जाता है, जिससे यात्री ट्रेनों को सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है। बाइपास ट्रैक बनने के बाद मालगाडिय़ां सीधे स्टेशन के बाहर से गुजर सकेंगी, जिससे लाइन क्लियर रहने की संभावना बढ़ेगी।
यात्रियों को होंगे यह फायदे
इस परियोजना के लागू होने से यात्री ट्रेनों को आउटर पर रुकने की समस्या में कमी आएगी। ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर होगी और ट्रेनें लेट नहीं होंगी। बीना से भोपाल, झांसी, इटारसी और कोटा की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर भीड़ और परिचालन दबाव कम होगा।
सर्वे के बाद तैयार होगी रिपोर्ट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि सबकुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा तो आने वाले समय में बीना जंक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक अच्छे तरीके से हो सकेगी। मालगाड़ियों के कारण जंक्शन पर यात्री ट्रेनों को आउटर पर खड़ा कर दिया जाता है, जिससे यात्री परेशान होते हैं। बाइपास बनने के बाद इन समस्याओं से निजात मिलेगी। रेलवे यात्री सुविधाओं के लिए नए—नए प्रयोग किए जा रहे हैं, जिससे कम समय में यात्री गंतव्य तक पहुंच सकें।
Published on:
16 Apr 2026 12:09 pm
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