बच्चों ने कहा अंकल मेरे पिता बात क्यों नहीं कर रहे, उन्हें सुला क्यों दिया
बीना. छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक यात्री की मौत हो गई, जिसके साथ दो मासूम बच्चे भी सफर रहे थे और इनके परिजनों की जानकारी न मिलने पर जीआरपी महिला आरक्षक द्वारा देखभाल की जा रही है। नासमझ बच्चे खेलने, कूदने में व्यस्त रहे। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के जनरल कोच से यात्रा कर रहे एक यात्री की रास्ते में अचानक मौत हो गई, जिसकी जानकारी कंट्रोल रूम के लिए दी गई और वहां से इसकी जानकारी जीआरपी थाना के लिए दी गई। इसके बाद प्रधान आरक्षक अनिल तिवारी ने मौके पर पहुंचकर शव को टे्रन से उतरवाया। मृतक के साथ एक ४ वर्ष की लड़की व एक पांच वर्ष का लड़का है। जब पुलिस ने शव को उतरवाकर स्टे्रचर पर रखवाया तो मासूम बच्चे पुलिस से कहने लगे अंकल मेरे पिता बोल क्यों नहीं रहे हैं और उन्हें सुला क्यों दिया है, इसका जवाब पुलिस वाले नहीं दे सके यह सुनकर वहां मौजूद हर कोई भावुक हो गया। क्योंकि बच्चों को तो पता ही नहीं है उनके सिर से पिता का साया छिन गया है। इसके बाद पुलिस ने शव का पीएम कराया और सुरक्षित मर्चुरी रूम में रखवा दिया है। बच्चों से जब बात की तो लड़की ने अपना नाम हैप्पी तो लड़के ने अपना नाम रंजीत बताया है।
मोबाइल बंद और आइ कार्ड न होने से नहीं हो सकी शिनाख्त
यात्री के पास से कोई भी ऐसे दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिससे यह जानकारी लग सके कि वह कहां का रहने वाला है या फिर कहां जा रहा था। मृतक की जानकारी विभिन्न थानों में भेजी गई है, जिसके बाद आज परिजनों के पहुंचने की संभावना है।