सागर

सिविल अस्पताल में अग्निशमन यंत्रों की अनदेखी, सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

2024 में हुए थे रिफिल, 2025 में नहीं कराया गया नवीनीकरण, आग लगने पर हो सका है बड़ा हादसा

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Jan 11, 2026
अस्पताल में लगा एक्सपायरी डेट का अग्निशमन यंत्र

बीना. सिविल अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) को वर्ष 2024 में रिफिल कराया गया था, लेकिन 2025 से अभी तक इनका रिफिल नहीं किया गया है। ऐसे में यदि अस्पताल में आग लगने जैसी कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसपर काबू पाना मुश्किल हो सकता है।
जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा वार्डों में भर्ती मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। अस्पताल में बिजली के उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवा भंडारण कक्ष हैं, जहां आग लगने का जोखिम हमेशा बना रहता है। ऐसी स्थिति में अग्निशमन यंत्रों का समय पर रिफिल और रखरखाव जरूरी होता है।

भोपाल में हुई घटना से नहीं लिया सबक
कुछ वर्ष पहले भोपाल के हमीदिया अस्पताल में आग लगने से कुछ नवजात शिशुओं की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश की अस्पतालों में तत्काल अग्निशमन यंत्र लगाने के आदेश दिए गए थे। आदेश मिलने पर यंत्र तो लगा दिए, लेकिन उनकी रिफलिंग समय से नहीं की जा रही है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी
अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। यहां आने वाले मरीजों के परिजनों ने कहा कि सभी अग्निशमन यंत्रों की तत्काल जांच कराकर रिफिल कराया जाए और भविष्य में नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए।

Published on:
11 Jan 2026 12:12 pm
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