सागर. आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि शादी में दिए जाने वाले हर नेग व उपहार पर आपको जीएसटी भी देना पड़ता है। शादी के लिए होने वाली हर खरीदी जैसे कपड़े, सोने-चांदी के आभूषण, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स, मैरिज हॉल, होटल, कैटरिंग, डेकोरेशन, ब्यूटी पॉर्लर समेत अन्य पर जीएसटी लगता है। मंगलवार देवउठनी एकादशी से […]
सागर. आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि शादी में दिए जाने वाले हर नेग व उपहार पर आपको जीएसटी भी देना पड़ता है। शादी के लिए होने वाली हर खरीदी जैसे कपड़े, सोने-चांदी के आभूषण, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स, मैरिज हॉल, होटल, कैटरिंग, डेकोरेशन, ब्यूटी पॉर्लर समेत अन्य पर जीएसटी लगता है। मंगलवार देवउठनी एकादशी से शादियों का दौर शुरू हो रहा है। इस सीजन में करीब 45 मुहूर्त हैं, जिनमें जिले में लगभग 5 हजार शादियों होने की बात सामने आ रही है। सागर जिले के लोग बेटा हो या बेटी औसतन 10 लाख रुपए एक शादी पर खर्च करते हैं, जिस पर लगभग 1 लाख 70 हजार रुपए जीएसटी लगता है। पूरे सीजन में सागर जिले में करीब 500 करोड़ रुपए का कारोबार होगा, जिस पर लगभग 90 करोड़ रुपए की राशि जीएसटी कलेक्शन में चली जाएगी।
नवरात्रि पर्व से ही वैवाहिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा शुरू हो जाती है और रिस्ते फाइनल होने लगते हैं। यही वजह है कि शहर के तमाम मैरिज गार्डन, होटल के अलावा ब्यूटी पॉर्लर, घोड़ा-बग्गी, बैंड पार्टी समेत अन्य की एक महीने पहले से ही बुकिंग शुरू हो गई थी। नवंबर की शादियों के लिए सभी मैरिज गार्डन फुल हो गए हैं।
आभूषण- 3 प्रतिशत
कपड़े- 5 प्रतिशत
फर्नीचर- 18 प्रतिशत
मैरिज गार्डन- 18 प्रतिशत
होटल- 18 प्रतिशत
डेकोरेशन- 18 प्रतिशत
इलेक्ट्रॉनिक- 18 प्रतिशत
ब्यूटी पार्लर- 18 प्रतिशत
फोटो/वीडियो- 18 प्रतिशत
नवंबर- 17, 22, 23
दिसंबर- 2, 3, 4, 5, 9, 10, 15
जनवरी- 16, 17, 21, 22
फरवरी- 8, 12, 13, 14, 15, 18, 20, 21, 25
मार्च- 5, 6
अप्रेल- 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29, 30
मई- 5, 6, 7, 8, 13, 14, 17, 28
जून- 1, 2, 4, 7, 8
कपड़े व ज्वेलरी पर जीएसटी कम है, बाकी सभी खरीदी व सेवाओं में लगभग 18 प्रतिशत जीएसटी ही लगता है। 10 लाख रुपए की शादी में औसतन 1.80 लाख रुपए जीएसटी लगता है। - स्वप्निल शुक्ला, सीए