वसूली करने की होगी कार्रवाई, तहसीलदार को लिखा पत्र
बीना. शहरी क्षेत्र में पीएम आवास बनाने के लिए हितग्राहियों को किस्तें जारी की गईं थीं, इस राशि का उपयोग मकान बनाने की जगह कुछ हितग्राहियों ने दूसरे कार्यों में खर्च कर दी है। मकान अधूरे पड़े हैं और बार-बार नोटिस देने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं। ऐसे हितग्राहियों के बैंक खाते होल्ड कर दिए हैं।
नगर पालिका से मिली जानकारी के अनुसार 2016 से 2023 तक 1380 मकान स्वीकृत हुए थे, जिसमें 21 हितग्राहियों ने मकानों का कार्य पूर्ण नहीं किया है। जबकि किसी हितग्राही एक, तो किसी को दूसरी किस्त मिल चुकी है। इन हितग्राहियों ने मकान बनाने की जगह दूसरे कार्यों में राशि खर्च कर दी है और मकान अधूरे पड़े हैं। इस संबंध में कई बार नोटिस जारी किए हैं, लेकिन फिर भी मकान नहीं बना रहे हैं। इसके बाद नगर पालिका ने संबंधित हितग्राहियों के खाते होल्ड कर दिए हैं, जिससे वह कोई लेनदेन नहीं कर पाएंगे।
वसूली के लिए लिखा पत्र
नगर पालिका ने तहसीलदार को पत्र लिखा है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि पीएम आवास योजनांतर्गत प्राप्त अनुदान की प्रथम और द्वितीय किस्त ले चुके हैं। इसके बाद भी मकान अधूरे हैं। इन हितग्राहियों द्वारा राशि का अनुचित उपयोग करने की संभावना है, जो योजनाओं के प्रावधानों का उल्लंघन है। राशि की वसूली मप्र भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुरूप करने की मांग की है।
नए आवासों के लिए आए 700 आवेदन
नगर पालिका में नए आवासों को लेकर आवेदन जमा हो रहे हैं और इसके लिए अभी तक 700 आवेदन आए हैं। आवेदनों की जांच की बाद 250 स्वीकृत हो चुके हैं, जिन्हें किस्त जारी की जाएगी।