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टीइटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, पुनर्विचार याचिका की मांग को लेकर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

बीना. मध्यप्रदेश में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार रतिराम अहिरवार को ज्ञापन सौंपकर सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति समय-समय पर […]

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Teachers protested against the TET requirement and submitted a memorandum to the Chief Minister demanding a review petition.

विरोध प्रदर्शन करते हुए शिक्षक। फोटो-पत्रिका

बीना. मध्यप्रदेश में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार रतिराम अहिरवार को ज्ञापन सौंपकर सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति समय-समय पर निर्धारित नियमों और विधिक प्रावधानों के तहत की गई है। इन शिक्षकों ने पिछले 25 से 30 वर्षों से निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुभव का सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों में भी देखने को मिला है। ज्ञापन सौंपने वालों में विकासखंड के सभी शिक्षक शामिल रहे।

टीइटी अनिवार्यता से बढ़ी चिंता

शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में दीर्घकालीन सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीइटी की अनिवार्यता लागू होने से उनके बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि इस विषय में देश के कुछ राज्यों ने सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिकाएं पहले ही दायर की जा चुकी हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि शिक्षा मंत्रालय भी इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके।