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अब्दुल बना मदनलाल तो पुलिस बनी मौलाना, फिल्मी अंदाज में 15 साल से फरार हत्यारे को दबोचा

MP News: साल 2009 के हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आरोपी 2011 में अस्पताल से फरार हो गया था। 15 साल तक पहचान बदलकर जयपुर में छिपा रहा, लेकिन पुलिस ने फिल्मी अंदाज में उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।

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सागर

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Akash Dewani

Mar 18, 2026

double murder accused madanlal arrested by mp police after 15 years in jaipur mp news

double murder accused madanlal arrested by mp police in jaipur (फोटो- Patrika.com)

MP News: 2009 में हत्या करने वाला आरोपी 2011 में पुलिस का चकमा देकर फरार हो गया था। सागर जिला अस्पताल से फरार हुए आरोपी को गोपालगंज पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी अब्दुल राशिद जयपुर में नाम और पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस ने इस पर 30 हजार का इनाम भी रखा था। कई सालों से पुलिस उसकी तलाश में थी। इनपुट के आधार पर गोपालगंज के चार पुलिसकर्मी हफ्ते भर पहले जयपुर पहुंचे। यहां चारों ने भेष बदला और किराये के कमरे में रहे। मौलाना बनकर रेकी की। कोई मजदूर बना तो कोई निवासी और फिर फरार आरोपी तक पहुंचे। मंगलवार को उसे सागर लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

कोर्ट के निर्देश के बाद सीएसपी ललित कश्यप और थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई। इसकी जिम्मेदारी उपनिरीक्षक नीरज जैन को सौपी गई। उनके साथ आरक्षक दीपक व्यास, आशीष और मनीष शामिल किए गए। यह टीम सायबर सेल प्रधान आरक्षक सौरभ, आरक्षक आनंद सिंधु, हीरेंद्र थिरबम और आरक्षक दशरथ के दिए गए इनपुट के आधार पर राजस्थान के लिए रवाना हुई। दशरथ ने आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, जेल हिस्ट्री व व्यवहार के अध्ययन कर इनपुट जुटाए।

नाम बदलकर फर्जी आधार कार्ड बनाया

पुलिस टीम जयपुर पहुंची। जयपुर के मालवीय नगर की कुण्डा बस्ती, ट्रांसपोर्ट नगर, ऑटोमोबाइल नगर, गलता गेट चौराहा पर रेकी की। किराये का कमरा लेकर चारों पुलिसकर्मी वहां रहे। रमजान माह को देखते हुए सभी ने भेष बदलकर मुस्लिम परिधान धारण किया। करीब चार दिन की निगरानी के बाद पुलिस को आरोपी का पता चला। स्थानीय लोगों को भरोसे में लेकर फोटो से शिनाख्त की। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को फिर से चकमा देने की कोशिश की। उसने अपना नाम मदनलाल बताया, यहां तक की इस नाम का आवार कार्ड भी पुलिस को बताया। वहां के लोग भी उसे मदनलाल के नाम से जानते थे और वह मुस्लिम बस्ती में रहता था।

जेब से मिली टोपी फिर भी मुकरा तो कराया प्रशिक्षण

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह कई सालों से राजस्थान में रह रहा था। यहां उसने सुरक्षा गार्ड की नौकरी की, बाद में उसने चाट फुल्की बेचने तक का काम किया। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो वह सामान्य कपड़ों में था लेकिन उसके जेब से जालीदार टोपी मिली। पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने पुष्टि करने स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों की मदद से उसका प्रशिक्षण कराया तो जिसमें स्पष्ट हो गया कि आरोपी अब्दुल राशिद ही मदनलाल बनकर रह रहा था।

बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल से फरार हुए थे

साल 2009 में कैंट थाना क्षेत्र में अब्दुल राशिद उसके भाई अब्दुल जाहिद और एक महिला ने जयकुमार उर्फ पूरन अहिरवार की हत्या की थी। मामले ने कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, सभी केंद्रीय जेल में सजा काट रहे थे। दोनों आरोपी भाईयों ने साल 2011 में बीमारी का बहाना बनाया और जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए थे। जहां से वह दोनों पुलिसकर्मी को चकमा देकर फरार हो गए थे। इसके बाद गोपालगंज पुलिस ने मामला वर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस लगातार तलाश में लगी रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका था, जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसी के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को फरार आरोपी को तलाश का आदेश दिया, तो जांच फिर से तेज हुई।

15 साल से फरार था

15 साल से फरार हत्या के आरोपी अब्दुल राशिद को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। वह सजा के दौरान 2011 में जिला अस्पताल से फरार हुआ था। लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम को भेजा गया था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ जारी है।- ललित कश्यप, सीएसपी (MP News)