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रामाश्रम होटल में भड़की आग, बचाव के इंतजाम नहीं थे, अंदर फंसे स्टाफ व ग्राहकों को खिड़कियां तोड़कर निकाला

Fire broke out at the Ramashram Hotel, lacking rescue facilities; trapped staff and customers were rescued by breaking windows.
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सागर

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Rizwan ansari

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Updated: 8 May 2026, 5:29 PM IST

गुरुवार रात 9 बजे बस स्टैंड के पास रामाश्रम होटल में भीषण आग लग गई। होटल के किचन में गैस रिसाव से आग भड़की थी। यहां आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था, इससे आग ने पूरे किचन को चपेट में ले लिया। उस वक्त होटल स्टाफ सहित 35 लोग मौजूद थे। कई ग्राहक खाना खा रहे थे। यह आग और धुएं में फंस गए। आननफानन में खिड़की के कांच तोड़कर इनको निकाला गया। इस दौरान 2 कर्मचारी आग की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों में एक को जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया है, हालांकि दोनों की हालात खतरे से बाहर है। मौके पर पहुंचे फायर अमले ने ऊपरी मंजिल की कांच की खिड़कियों को तोड़ा और आग पर काबू पाया। होटल के किचन में 6 गैस सिलेंडर रखे थे। अगर आग की वजह से यह फट जाते तो बड़ी अनहोनी हो जाती। गनीमत रही कि समय रहते आग काबू में आ गई।

15 मिनट और लगी रहती आग तो फट सकते थे दूसरे सिलेंडर

नगर निगम के फायर ब्रिगेड प्रभारी सईदउद्दीन कुरैशी ने बताया कि फायर कर्मचारियों ने किचन के पास 6 और गैस सिलेंडर देखे थे। करीब 30 मिनट तक किचन से आग की लपटे निकलती रहीं। यदि आग बुझाने में थोड़ी और देरी हो जाती तो आशंका थी कि भरे हुए गैस सिलेंडर गर्म होकर फट सकते थे। जांच में पता चला कि होटल संचालन ने फायर एनओसी नहीं ली थी और ना ही उनके पास फायर उपकरण थे।

चश्मदीद… आग भड़की तो भगदड़ मची धुंआ भरने से घुटनेे लगा दम

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रामाश्रम होटल में नीचे कई ग्राहक मौजूद थे, ऊपरी मंजिल में किचन है, जहां पर कुछ ग्राहकों के बैठने की भी व्यवस्था है। रात करीब 9 बजे किचन में गैस रिसाव से आग भभकी तो किचन के कर्मचारी भागने लगे। देखते ही देखते 600-800 वर्ग फीट के भवन में धुआं भर गया। वहां खाना खा रहे ग्राहक भी घबरा गए। दम घोंटने वाले धुंए और आग से बचने वह भी भागे। करीब 9.26 बजे नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोग भी मदद को आगे आए। सभी ने खिड़कियों के कांच तोड़े और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। करीब 9.52 बजे तक आग पर नियंत्रण कर लिया गया।

बचाव की व्यवस्था होती तो नहीं भड़क पाती आग


होटल में फेब्रिक डेकोरेशन किया गया है। यह अधिक ज्वलनशील होती है। होटल में आग से बचाव के लिए 2 से 4 किग्रा तक के फायर एस्टिंग्विशर नहीं थे। इनसे छोटे शॉर्ट सर्किट और गैस रिसाव से लगी छोटी आग को बुझाया जा सकता था। नगर निगम लगातर व्यवसायिक संस्थानों को फायर एनओसी के लिए नोटिस देता आ रहा है, लेकिन होटल संचालक ने लापरवाही बरती और लोगों की जान पर बन आई। अब नगर निगम होटल संचालक पर कार्रवाई करेगा।