जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने नाव में बैठकर किया दीपदान सागर. सोमवार को नगर निगम ने जल गंगा आरती का आयोजन लाखा बंजारा झील चकराघाट के पास विट्ठल रूकमणी मंदिर के सामने किया। आयोजन के दौरान घाट 1100 दीपों से जगमगा उठा। 21 दीपों वाली 11 आरतियों, आकर्षक लाइटिंग और भक्तिमय माहौल में मंत्रोच्चार के […]
जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने नाव में बैठकर किया दीपदान
सागर. सोमवार को नगर निगम ने जल गंगा आरती का आयोजन लाखा बंजारा झील चकराघाट के पास विट्ठल रूकमणी मंदिर के सामने किया। आयोजन के दौरान घाट 1100 दीपों से जगमगा उठा। 21 दीपों वाली 11 आरतियों, आकर्षक लाइटिंग और भक्तिमय माहौल में मंत्रोच्चार के साथ आरती व पूजन हुआ। जनप्रतिनिधियों व निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों व आम लोगों ने नाव में बैठकर दीपदान किया। सागर शहर की खुशहाली विकास और स्वच्छता स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग व युवा सहित हर उम्र के लोग शामिल रहे।
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने कहा कि जल गंगा आरती का आयोजन विशेष रहा। सोमवार को सोमवती अमावस्या का दिन था और इस दिन दीपदान, स्नानदान आदि का बड़ा महत्व बताया गया है। सोमवती अमावश्या पर दोना में आटा, शुद्ध घी और रुई से निर्मित दीप रखकर प्रज्जवलित किए गए। नगर निगम और स्मार्ट सिटी द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के तहत जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में यह जल गंगा आरती का आयोजन किया गया। आरती के बाद साफ सफाई की गई।
जल गंगा आरती के लिए सारे घाट और छतरियों को आकर्षक लाइटिंग और साजसज्जा से मनमोहक बनाया गया। झील में तैरती हुई नाव में से एक पर मां गंगा की सुंदर मूर्ति विराजमान थी, तो अन्य नावों में डमरू दल कलाकार और श्रद्धालुगण बैठे थे।