सागर

गायब हुआ जनता खाना,जन आहार केंद्र से यात्रियों को करना पड़ा परेशानी का सामना

जन आहार केंद्र से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा
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Updated: 18 Jun 2018, 10:55 AM IST
गायब हुआ जनता खाना,जन आहार केंद्र से यात्रियों को करना पड़ा परेशानी का सामना
गायब हुआ जनता खाना,जन आहार केंद्र से यात्रियों को करना पड़ा परेशानी का सामना

सागर. वैंडर की मनमानी और अफसरों की लचर कार्यप्रणाली के कारण रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को लुटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से विपन्न यात्रियों को कम दाम में शुद्ध भोजन मुहैया कराने के लिए प्रारंभ किया गया जनता भोजन भी अब स्टाल से गायब रहता है।
रविवार को भी स्टेशन के स्टॉलों से जनता खाना नदारद होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।रविवार को सागर रेलवे स्टेशन पर दोपहर करीब दो बजे बिलासपुर पैसेंजर के समय जनआहार केंद्र में यात्रियों ने जब जनता खाना मांगा तो संचालक ने खाना उपलब्ध होने से इंकार कर दिया। जनता खाना में 15 रुपए में कागज के डिब्बे में 6 पूडी, सूखी सब्जी, अचार व मिर्च दी जाती है। नियमत: स्टॉल के बाहर जनता खाना होने का पंपलेट भी लगाना है, लेकिन स्टाल से वह भी गायब था।


स्टॉल से जनता खाना गायब होने पर संचालकों का तर्क था कि गर्मी के कारण ज्यादा खाना नहीं बनाते हैं, जबकि जनता खाना सूखा होने के कारण जल्दी खराब नहीं होता।


पांच हजार यात्री करते हैं यात्रा
पश्चिम मध्य रेलवे के दिल्ली रूट में कटनी और बीना के बीच सबसे बड़ा स्टेशन सागर है। यहां से प्रतिदिन 38 से अधिक यात्री गाडि़यां गुजरती हैं। सागर स्टेशन पर प्रतिदिन 4500 से 5 हजार यात्री सफ र करते हैं। स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर यात्रियों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए दो स्टॉल, एक जन आहार केंद्र और एक रेस्टोरेंट है।


पेपर में समोसा
रेलवे स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर रेस्टोरेंट व स्टॉल और ट्रेन के पेट्रीकार संचालकों द्वारा पेपर पर रख कर ही खाद्य सामग्री यात्रियों को दी जा रही है जबकि न्यूज पेपर की स्याही में कई प्रकार के केमिकल होते हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारकर हैं। स्टेशन पर खाद्य सामग्री पसोरने या देने के लिए सादे कागज या थर्माकोल की कटोरी का उपयोग की अनुमति है।


पानी में भी चल रहा खेल
रेलवे द्वारा स्टेशन पर दो कंपनियों की पानी बोतल को विक्रय के लिए अधिकृत किया गया है, जो कि एक लीटर की बॉटल 15 रुपए की दी जानी चाहिए, लेकिन स्टॉल संचालकों द्वारा यात्रियों को सस्ती कंपनी की बॉटल का पानी 20 रुपए लीटर का थमाया जा रहा है। ट्रेन की जल्दवाजी में यात्री स्टॉल संचालकों से ज्यादा मोल-भाव भी नहीं कर पाते।


गर्मी के कारण ज्यादा खाना नहीं बनाते हैं
जन आहार केंद्र में जनता खाना खत्म हो गया है। गर्मी के कारण ज्यादा खाना नहीं बनाते हैं। स्टेशन पर दो ब्रांड का ही पानी विक्रय की अनुमति है, जो कि 15 रुपए लीटर दिया जाएगा।
नरेंद्र सिंह, स्टेशन प्रबंधक

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