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मॉक ड्रिल: रेलवे गेट पर ट्रेन से ट्रैक्टर-ट्रॉली टकराने की सूचना पर मचा हड़कंप

बीना. रेलवे ने संभावित ट्रेन हादसों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को मॉक ड्रिल की गई। इस अभ्यास के तहत रहटवास और पिपरई स्टेशन के बीच एक रेलवे गेट पर यात्री ट्रेन व ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर होने की सूचना दी गई, जिसके बाद स्टेशन पर आपातकालीन सायरन बजाए गए और […]

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Jan 31, 2026
एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन को रवाना करते हुए

बीना. रेलवे ने संभावित ट्रेन हादसों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को मॉक ड्रिल की गई। इस अभ्यास के तहत रहटवास और पिपरई स्टेशन के बीच एक रेलवे गेट पर यात्री ट्रेन व ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर होने की सूचना दी गई, जिसके बाद स्टेशन पर आपातकालीन सायरन बजाए गए और सायरन बजते ही रेलवे के सभी संबंधित विभाग अलर्ट हो गए थे।
सूचना मिलते ही हरकत में आया रेलवे अमला
दोपहर 2.5 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि रहटवास-पिपरई स्टेशन के बीच रेलवे क्रांसिंग पर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इसके बाद रेलवे ने स्टेशन पर पांच बार सायरन बजाकर दुर्घटना होने की सूचना दी। सायरन बजते ही आरपीएफ, सीएनडब्ल्यू, इंजीनियरिंग विभाग, ऑपरेटिंग शाखा व रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया। सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल की डॉक्टर टीम मेडिकल वैन में सवार होकर 2.20 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हुई। वहीं, सीएनडब्ल्यू विभाग के अधिकारी एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन (एआरटी) के साथ 2.35 बजे रवाना हुए। सभी टीमें तय प्रक्रिया के अनुसार तेजी से मौके पर रवाना की गईं। बीना से रवाना होने के बाद एआरटी को संदेश दिया गया कि कोई वास्तविक दुर्घटना नहीं हुई है और यह केवल मॉक ड्रिल थी। इसके बाद एआरटी सेमरखेड़ी स्टेशन तथा मेडिकल वैन मुंगावली से वापस बीना लौट आई।

रेलवे ने बताया मॉक ड्रिल को सफल
रेलवे अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को पूरी तरह सफल बताया और कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपात स्थिति में सभी विभाग समन्वय के साथ तेजी से कार्य करें। अधिकारियों ने कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी तरह सतर्क और अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

Published on:
31 Jan 2026 12:23 pm
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