विश्व निमोनिया दिवस को लेकर जिला अस्पताल में हुआ सेमीनार सागर. विश्व निमोनिया दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को जिला अस्पताल में सेमीनार हुआ। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने बताया कि पांच साल तक के बच्चों में सबसे अधिक मृत्यु कारण निमोनिया संक्रमण है। 12 नवंबर 2025 से […]
विश्व निमोनिया दिवस को लेकर जिला अस्पताल में हुआ सेमीनार
सागर. विश्व निमोनिया दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को जिला अस्पताल में सेमीनार हुआ। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने बताया कि पांच साल तक के बच्चों में सबसे अधिक मृत्यु कारण निमोनिया संक्रमण है। 12 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक सांस अभियान प्रदेश में चलाया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने कहा कि एसएनसीयू और एनआइसी से डिस्चार्ज बच्चों का आशा कार्यकर्ता फॉलोअप करें। चिन्हित बच्चों में संभावित गंभीर निमोनिया के बच्चे को नजदीकी स्वास्थ्य संस्था में 108 के माध्यम से रेफर किया जाए। स्वास्थ्य संस्थाओं में निमोनिया से पीडि़त बच्चों को एक अलग वार्ड बनाकर इलाज दिया जाए। लोग भी अपने बच्चों का पूर्ण टीकाकरण अवश्य कराएं। पांच साल तक के बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार है तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराएं।
सेमीनार में सिविल सर्जन डॉ. आरएस जयंत ने निमोनिया के प्रांरभिक लक्षणों की समय पर पहचान, उपचार बताया। उन्होंने कहा कि निमोनिया को लेकर जागरूकता इससे होने वाली मृत्यु को रोक सकती है। निमोनिया के प्रकरण मुख्यत: सर्दी, बारिश, प्रदूषण, धुएं, स्लम एरिया में अधिक होने की आशंका रहती है। ऐसे बच्चों में निमोनिया होने संभावना अधिक होती है, जिनका टीकाकरण पूर्ण नहीं हुआ हो और कुपोषित हों। शीघ्र स्तनपान, पूरक आहार, विटामिन ए का घोल पिलाना, टीकाकरण, साफ-सफाई जैसे सरल प्रयासों से निमोनिया के प्रकरणों में कमी लाई जा सकती है। इस मौके पर संयुक्त संचालक डॉ. सुशीला यादव, आरएमओ डॉ. अभिषेक ठाकुर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश यादव आदि उपस्थित रहे।