वर्ष 2016 के बाद काटी गईं अवैध कॉलोनी पर होगी कार्रवाई, नामांतरण और निर्माण पर लगाई रो
बीना. नगरीय क्षेत्र में वर्ष 2016 के बाद अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई करने की तैयारी नगर पालिका ने कर ली है और 67 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज न मिलने पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।
कॉलोनाइजरों पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीएमओ ने सभी संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में मप्र नगर पालिका नियम 1988 के अंतर्गत प्राप्त किए रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण-पत्र, प्रस्तावित भूमि में कॉलोनी विकास के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुमति, आंतरिक विकास व वाध्य विकास कार्यों के लिए निर्धारित मानक अनुसार सक्षम प्राधिकारी का स्वीकृत प्राक्कलन, नगर व ग्राम निवेश द्वारा प्रस्तावित कॉलोनी का अनुमोदित मानचित्र और कॉलोनी विकास के लिए प्रस्तावित भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज, डायवर्सन, खसरा-बी-वन और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। गौरतलब है कि नगरीय क्षेत्र में चारों तरफ अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं, जिसमें सडक़, नाली, बिजली की मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, जिससे यहां प्लाट लेने वाले लोग परेशान हैं। आए दिन इस तरह की शिकायतें भी लोग अधिकारियों से करते हैं। साथ ही राजस्व की भी हानि हो रही है।
इन्हें हुए नोटिस जारी
शहर की वृन्दावन धाम, अपना नगर, स्टार होम्स, अंजनी नंदन, अयोध्यापुरी, सिद्धि विनायक, समृद्धि कॉलोनी सहित कुछ बिना नाम की कॉलोनी शामिल हैं। इसके अलावा काॅलोनाइजर अमित राय, जितेन्द्र पवार, राजेन्द्र सिंह राजपूत, कड़ोरी यादव, देवेन्द्र सिंह, आदित्य सिंह, प्रीति सिंह, जितेन्द्र कुमार समैया, नीलेश कुमार जैन, सोनल जैन, बबलू ग्वाल, विनोद सिंह, केशर चौधरी, अनिल अहिरवार, अनीता साहू, प्रदीप कुमार जैन, प्रहलाद यादव, राजा यादव, रुपेश यादव आदि शामिल हैं।
यह होगी कार्रवाई
दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर मप्र नगर पालिका नियम 1998 की धारा 15 ग के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत कॉलोनाइजरों पर एफआइआर दर्ज होगी। साथ ही इन कॉलोनियों में भवन बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी और नामांतरण नहीं किया जाएगा।
किए गए हैं नोटिस जारी
67 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज न मिलने पर एफआइआर दर्ज कराकर प्रतिवेदन भेजा जाएगा। साथ ही कॉलोनियों में नामांतरण पर रोक लगाई दी गई है। साथ भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी जा रही है।
राहुल कुमार कौरव, सीएमओ, बीना