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हमारे राम: आशुतोष राणा ने दशानन की शिव भक्ति को किया साकार, जीवंत हो उठी मंच पर रामायण

हर एक संवाद के साथ कलाकारों से जुड़े दर्शक, तालियों से गूंज उठा सभागार। राम, हनुमान और रावण की एंट्री ने दर्शकों को किया रोमांचित
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May 17, 2026
sagar
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पद्माकर सभागार में शनिवार को हमारे राम के पहले शो का इंतजार दर्शकों को रोमांचित कर गया। नाट्य प्रस्तुति रामायण की उस कथा पर आधारित थी, जो लव और कुश पूछे गए प्रश्नों से शुरू होती है और जो भगवान राम व माता सीता की यात्रा, त्याग, प्रेम और संघर्ष को एक नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। नाटक में रावण का बहन सूर्पणखा का किरदार भी बेहतर प्रस्तुत हुआ। आखिरी पल में रावण अपने दरबार में निद्रा की मुद्रा में होते हैं। इस बीच उनके सपने में राम आते हैं और दोनों के बीच संवाद होता है। रावण कहते हैं- तुम मर्यादा पुरुषोत्तम थे, युद्ध के बजाय शांति मार्ग अपनाते ? इस पर राम जवाब देते हैं- मैंने कभी हनुमान, कभी अंगद, कभी जामवंत तो कभी कुंभकरण के जरिए तुम्हें समझाया था, ताकि विनाश से बचा जा सके। इस संवाद से संदेश दिया गया कि सही मार्ग पर चलें। गलती करने पर हमेशा किसी न किसी माध्यम से ये जरूर पता चलता है कि आप गलत मार्ग पर हैं, फिर भी हम उन पर ध्यान नहीं देते।

मृत्यु नहीं मुक्ति चाहता था रावण, लक्ष्मण से हुआ संवाद

नाटक के अंत पर भगवान राम के निर्देश पर लक्ष्मण के साथ रावण का गहरा संवाद हुआ। इसमें यह बताया कि रावण मृत्यु नहीं मुक्ति चाहता था। रावण ने कहा कि महादेव को प्राप्त करने के दो मार्ग हैं- कामना से या भावना से। जो कामना से महादेव की आराधना करते हैं, उसे महादेव वह देते हैं जो वह चाहता है और जो भावना में भरकर महादेव की आराधना करते हैं उसे महादेव वह देते हैं, जो महादेव देना चाहते हैं। रावण की उपासना में कामना थी, राम की उपासना में भावना थी। मैं उनसे कुछ चाहता था, राम महादेव को चाहते थे। राम मुझे मारना नहीं तारना चाहते थे, इसलिए अंतिम समय में मुझसे उपदेश कराकर मेरी मुक्ति का मार्ग प्रशस्त कर दिया।

इन किरदारों ने निभाई मंच पर भूमिका

निदेशक - गौरव भारद्वाज
राम - राहुल भूचर
रावण - आशुतोष राणा
निकुंभला देवी - आस्था चावला
अप्सरा रंभा- दीया मल्होत्रा
वाल्मिकी नाना माल्यवंत - सचिन जोशी
नलकुबेर और वॉयसओवर - भरत शर्मा
राजा जनक/नील/जटायु -हरीश कोटवानी
जामवन्त/वशिष्ठ/कुम्भकर्ण- प्रमोद कुमार
राजा दशरथ/भरत-राहुल सिंह
विभीषण या सहायक निर्देशक- संजय मखीजा
कैकेयी - नंदिनी खोसला
मंदोदरी-दीक्षा रैना
सूर्पनखा - दीप्ति कुमार
लव - कृष्णा राजपूत
कुश-सिमरन मल्होत्रा
लक्ष्मण-भानु प्रताप सिंह
सूर्यदेव - करण शर्मा
बजरंगबली हनुमान - दानिश अख्तर
माता सीता-अमृता परिहार
महादेव - तरूण खन्ना
नारान्तकाये-मनीष सिंह
अतिकाये-कपिश जिंदल
देवंतिकाये- दीपक राज डोगरा

Updated on:
17 May 2026 05:16 pm
Published on:
17 May 2026 05:16 pm