बहेरिया स्थित तपोवन तीर्थ में निर्यापक मुनि सुधा सागर महाराज की गाजे-बाजों के साथ अगवानी की। आचार्य निर्भय सागर महाराज ने अगवानी की।
दो संतों का हुआ मिलन, निर्यापक सुधा सागर महाराज की आचार्य निर्भय सागर महाराज ने की अगवानी
सागर. बहेरिया स्थित तपोवन तीर्थ में निर्यापक मुनि सुधा सागर महाराज की गाजे-बाजों के साथ अगवानी की। आचार्य निर्भय सागर महाराज ने अगवानी की। दोनों संतों के मिलन के अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त साक्षी बने। मुनि सुधा सागर ने निर्माणाधीन क्षेत्र को देखा एवं भगवान पदम प्रभु के दर्शन किए। प्रात: काल श्रीजी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि बेटा यदि राष्ट्रपति बन जाए तो पिता को अपार खुशी होती है, वैसे ही मेरा रोम रोम पुलकित हो रहा है और अपार खुशी भी हो रही है। मुनि ने तपोवन तीर्थ एक दिन समाज का मस्तिष्क ऊंचा करेगा। संस्कारों से संस्कृति बनती है और संस्कृति से इतिहास बनता है। सागर नगर की विभिन्न कॉलोनी से आए हुए मंदिर कमेटी के सदस्यों ने मुनि श्री के चरणों में श्रीफल भेंट करके आशीर्वाद लिया।इस अवसर पर आचार्य निर्भय सागर ने ने कहा सुधा सागर जी महाराज ने मुझे मोक्षमार्ग दिया है। मैं उनके उपकार को नहीं भुला सकता। उपकारों को भुलाने वाला कृतघनी कहलाता है। उन्होंने आचार्य के गुण बतलाते हुए कहा कि आचार्य प्रश्नों को सहने वाला होना चाहिए। कोई कैसा भी प्रश्न कर दे उसका तत्काल उत्तर देने की क्षमता रखने वाला होना चाहिए।
7 जुलाई को होगी शहर में अगवानी
तपोवन तीर्थ चनाटोरिया से गुरुवार को दीनदयाल नगर मकरोनिया के लिए सुबह 6 बजे विहार होगा। सागर में अगवानी 7 जुलाई रविवार को सुबह 7 बजे सिविल लाइंस चौराहे से प्रारंभ होगी। दीनदयाल नगर में 4 जुलाई को सुबह 8 बजे से मंगल प्रवचन होंगे। मुनि संघ की आहारचर्या भी यहीं होगी।