बड़ामलहरा. सेवा सहकारी समिति डिकौली में फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड मामले में सहकारिता विभाग ने कलेक्टर को राशि वसूली की प्रक्रिया करने पत्र जारी किया है। प्रारंभिक जांच में 292.54 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। हरिओम अग्निहोत्री ने सेवा सहकारी समिति डिकौली में प्रबंधक के पद पर रहते हुए किसान क्रेडिट कार्ड में […]
बड़ामलहरा. सेवा सहकारी समिति डिकौली में फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड मामले में सहकारिता विभाग ने कलेक्टर को राशि वसूली की प्रक्रिया करने पत्र जारी किया है। प्रारंभिक जांच में 292.54 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। हरिओम अग्निहोत्री ने सेवा सहकारी समिति डिकौली में प्रबंधक के पद पर रहते हुए किसान क्रेडिट कार्ड में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। इन्होंने अपनी पत्नी विद्यादेवी अग्निहोत्री जो कि वर्तमान में छतरपुर जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष है, इनके नाम नियम विरुद्ध किसान क्रेडिट जारी कर लाखों रुपए का लाभ पहुंचाया। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्यों सहित 567 किसानों के नाम क्रेडिट कार्ड जारी किए। किसानों की ब्याज माफी योजना के 292.54 लाख रुपए की राशि का घोटाला किया था, जिसकी जांच संयुक्त आयुक्त सहकारिता संभाग सागर से कराई गई। जिसमें घोटाला होने और किसानों की राशि डकारने की बात सिद्ध हुई है।
मध्यप्रदेश शासन सहकारिता विभाग भोपाल के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल द्वारा कलेक्टर छतरपुर को दिनांक 15 मई 2025 को पत्र जारी किया है। पत्र में लिखा कि पैक्स समिति डिकौली समिति प्रबंधक द्वारा अपने चहेतों के नाम पर केसीसी घोटाला किया गया इस आशय की शिकायत की जांच संयुक्त आयुक्त सहकारिता संभाग सागर से कराई गई, जिसमें पाया गया कि मुख्यमंत्री ब्याज माफी योजना 2023 के तहत 567 किसानों की राशि 292.54 लाख रुपए अपात्र पाई गई।
शासकीय राशि का गोलमाल कर, परिजन को लाभ पहुंचाया
पत्नी के खाते में ही पहुंचाए 15 लाख
पात्रता महज डेढ़ लाख की
शासन के नियमानुसार सहकारी समितियों में एक वित्तीय वर्ष में एक किसान को ढेड़ लाख रुपए की राशि देने की पात्रता है जबकि विद्या देवी अग्निहोत्री व अन्य परिजनों को दी गई यह राशि पात्रता राशि से दस गुना अधिक है।