The young women of Chaurasia community spoke about their education from the stage, their first demand was an educated life partner.
चौरसिया समाज का सामूहिक आदर्श विवाह एवं परिचय सम्मेलन मां महलवार देवी मंदिर परिसर संजय ड्राइव रोड, पुरव्याऊ वार्ड में शनिवार को शुरू हुआ। अखिल भारतीय स्तर पर लगातार 30 वें परिचय सम्मेलन में शामिल होने 6 राज्यों से यहां समाज के लोग पहुंचे। 400 युवक-युवतियों ने मंच से परिचय दिया। युवतियों ने अपनी शिक्षा भी बताई ताकि उन्हें विवाह के लिए शिक्षित जीवनसाथी मिले। रविवार को परिचय सम्मेलन के साथ ही विवाह भी होंगे। सम्मेलन में बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और मध्यप्रदेश के युवक-युवती शामिल हुए।
सम्मेलन की शुरुआत सुबह 8 बजे गणेश पूजन, सत्यनारायण कथा और महिला मंडल द्वारा रामायण पाठ से हुई। सुबह 10 बजे अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद 11 बजे से बाहर से आए और स्थानीय युवक-युवतियों का पंजीयन कर उनके अभिभावकों के साथ मंच से परिचय कराया गया। रात 8 बजे विशिष्ट समाज सेवियों का स्वागत और उद्बोधन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इसी दौरान मुख्यअतिथि विधायक शैलेंद्र जैन के आतिथ्य में वैवाहिक स्मारिका 'सागर संगम' का विमोचन भी किया गया।
युवक-युवतियों के परिचय के साथ अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा (दिल्ली) की राष्ट्रीय एवं मध्य प्रदेश की संयुक्त कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव चौरसिया, इंजीनियर रमेश चौरसिया, बसंत बाबा, कौशल किशोर, मुकेश आड़तिया, इंजीनियर हरगोविंद सहित देशभर से राष्ट्रीय व मध्य प्रदेश के पदाधिकारीगण और सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में समाज के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
सम्मेलन के दूसरे दिन समाज के 15 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के लिए उपयोगी उपहार सामग्री भेंट की जाएगी। कल्पधाम ग्रुप इंजीनियर रमेश चौरसिया प्रत्येक जोड़ों को उपहार स्वरूप 21 हजार रूपए की राशि देंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष श्रीराम पहलवान और कोषाध्यक्ष नंदकिशोर बाबू ने बताया कि ऐसे आयोजन न केवल विवाह को सरल बनाते हैं, बल्कि दहेज जैसी कुरीतियों पर भी प्रहार करते हैं। अब तक सैकड़ों जोड़ों का विवाह इस मंच के माध्यम से संपन्न हो चुका है, जो सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है।
सम्मेलन की तैयारियां कई महीनों पहले से शुरू हो गई थीं, जिसमें युवाओं को आपसी परिचय के लिए एक मंच उपलब्ध कराया गया। दिल्ली, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और मप्र के जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल सहित अन्य जिलों से भी लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। संगम स्मारिका का विमोचन भी इस अवसर पर किया गया, जिसमें देशभर के युवाओं के बायोडाटा शामिल रहते हैं, जिससे रिश्ते की तलाश आसानी से हो जाती है।