
सागर . अगस्त से सनातन धर्म के त्योहार की शुरु हो जाएंगे, जो कार्तिक माह तक चलेगी। अगस्त के महीने में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया जाएगा। जन्माष्टमी भी इसी माह पड़ेगी। गजानन का प्रकटोत्सव इसी माह गणेश चतुर्थी से आरंभ होगा। भगवान शिव को समर्पित यह महीना पूजा-पाठ के लिए जितना विशेष है, उतना ही व्रत-त्योहार के मामले में है।
भाई की कलाई सजाएगी बहनें
बहनों को रक्षाबंधन के पर्व का पूरे साल इंतजार रहता है। वह इस साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार यह पर्व हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। पं. शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि भाई की कलाई में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रक्षाबंधन पर पूरे दिन रहने वाला है। दरअसल, भद्रा रक्षाबंधन की पूर्णिमा तिथि में 9 अगस्त को तडक़े 1.52 बजे ही समाप्त हो जाएगी। इस साल राखी के त्योहार पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।
पर्यूषण पर्व में मांगेंगे क्षमा
अगस्त में जैन धर्म का साधना, तप, संयम का पर्यूषण पर्व भी रहेगा। भाद्रपद महीने की शुक्ल पंचमी से इस परंपरा की शुरुआत होगी। ऐसे में इस साल पर्युषण पर्व की शुरुआत 28 अगस्त से होगी। इससे पहले श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व मनाए जाएंगे। इस दौरान जैन धर्मावलंबी साधना, आराधना के साथ ही अपनी भूल की क्षमा मांगेंगे। यह पर्व महत्वपूर्ण पर्व मना जाता है।
ये व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे
4 अगस्त - सावन का चौथा सोमवार
5 अगस्त - पुत्रदा एकादशी, दामोदर द्वादशी
6 अगस्त - बुध प्रदोष व्रत
8 अगस्त - वरलक्ष्मी व्रत, हयग्रीव जयन्ती
9 अगस्त - रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, नारली पूर्णिमा, संस्कृत दिवस, सावन पूर्णिमा व्रत
10 अगस्त - भाद्रपद प्रारंभ
15 अगस्त - शीतला सप्तमी
16 अगस्त - जन्माष्टमी
25 अगस्त - वराह जयन्ती
26 अगस्त - हरतालिका तीज
27 अगस्त - गणेश चतुर्थी
28 अगस्त - ऋषि पंचमी, संवत्सरी पर्व, स्कंद षष्ठी
30 अगस्त - ललिता सप्तमी
31 अगस्त - राधा अष्टमी