कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सहारनपुर पहुंचने से पहले ही सहारनपुर प्रशासन ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बॉर्डर को सील कर दिया है। पैरामिलिट्री फोर्स के साथ-साथ भारी संख्या में फोर्स लगाई गई है और यहां हरियाणा की ओर से आने वाले हर एक वाहन की स्कैनिंग करने के बाद ही उसको सहारनपुर में एंट्री दी जा रही है। हरियाणा-उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर ही कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच चुके हैं।
इसी दौरान हमने इमरान मसूद से बात की तो उन्होंने कहा कि प्रशासन जानबूझकर राहुल गांधी को सहारनपुर आने देना नहीं चाहता और कांग्रेसियों को यह बात समझ नहीं आ रही है। आखिर सहारनपुर पुलिस प्रशासन राहुल गांधी से क्या छुपाना चाहता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि शब्बीरपुर गांव जाने का मामला भी खत्म हो गया था और हमने प्रशासन से अब सिर्फ यह कहा था कि राहुल गांधी को जिला अस्पताल तक आने दीजिए और फिर सर्किट हाउस में लोगों से मिलने दीजिए, लेकिन इस बात पर भी जिला प्रशासन राजी नहीं हो रहा है।
अगर राहुल गांधी को रोक दिया तो क्या करेंगे
अगर सहारनपुर प्रशासन राहुल गांधी को सहारनपुर में एंट्री नहीं करने देता और उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया जाता है तो आगे क्या कदम कांग्रेसियों का रहेगा। इस सवाल पर फिलहाल कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद का यही कहना है कि अभी राहुल गांधी जी को आने दीजिए और जैसे हालात बनेंगे उसी समय यह निर्णय होगा कि आगे क्या करना है।
हम शांति चाहते हैं इमरान मसूद
इमरान मसूद ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि कांग्रेस सहारनपुर में शांति और अमन चाहती है राहुल गांधी का सहारनपुर आने का मकसद सिर्फ यही है कि बीरपुर के गांव के लोगों और पीड़ितों की बात को सुना जाए और किस तरह से यहां शांति और अमन कायम किया जा सकता है यह समझा जाए और उसी तरह के काम किया जाए।