
सहारनपुर Saharanpur. कोरोना वायरस ( Corona virus ) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अब पुलिस रोगी के मोबाइल फोन की पूरे एक माह की सीडीआर ( CDR ) भी निकलवाएगी। सहारनपुर डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने इसके लिए शामली एसपी समेत मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के एसएसपी काे निर्देश जारी किए हैं।
आप सोच रहे होंगे कि कोरोना के मरीज का उसके माेबाइल फाेन की सीडीआर से क्या ताल्लुक है ? तो इसका जवाब यह है कि दरअसल कोरोना का मरीज पिछले एक महीने में कहां-कहां गया था यह पता लगाने के लिए पुलिस सीडीआर का सहारा लेगी। दरअसल, अभी तक जितने मामले सामने आए हैं उनमें से अधिकांश ने सही जानकारी नहीं दी। पूछने पर कोरोना पीड़ित राेगी सही जानकारी नहीं देता और ऐसे में कोरोना के फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
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उदाहरण के तौर पर मेरठ में खुर्जा के जिस व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई, जब उसकी सीडीआर निकलवाई गई तो पता चला कि वह पिछले एक माह से खुर्जा गया ही नहीं था। बावजूद इसके उसने मेडिकल कॉलेज में भर्ती होते हुए अपना पता खुर्जा लिखवाया था। यही कारण रहा कि, जब इस व्यक्ति की रिपाेर्ट पॉजिटिव आई तो खुर्जा के स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया था। बाद में जब सीडीआर देखी गई ताे खुर्जा के स्वास्थय विभाग नें राहत की सांस ली।
सहारनपुर डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने अब सहारनपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी, मुजफ्फरनगर एसएसपी अभिषेक यादव और शामली एसपी विनीत जयसवाल को निर्देश दिए हैं कि तीनों जिलों में अगर कोई भी कोरोना पॉजीटिव केस आता है तो रोगी से पूछताछ करने के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी निकलवाई जाए। इस तरह उसकी पिछले एक महीने की लोकेशन का पता लगाया जाए।
यह अच्छी बात है कि शनिवार शाम तक सहारनपुर मुजफ्फरनगर और शामली में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। अभी तक सहारनपुर मंडल के शामली जिले के कैराना कस्बे में ही सिर्फ एक मामला पॉजिटिव आया था और अब उसकी हालत में भी सुधार है।