सतना

Ustad Allauddin Khan: उस्ताद अलाउद्दीन खां के पूर्वज थे हिंदू, इतना कहर बरपा कि बन गए मुस्लिम

Ustad Allauddin Khan: अलाउद्दीन खां की परपोती सहाना गुप्ता नी खां ने अपनी किताब ‘बोरो बाबा: उस्ताद अलाउद्दीन खां’में किया बड़ा खुलासा

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Aug 15, 2024

Ustad Allauddin Khan: ख्यातलब्ध संगीतकार और मैहर संगीत घराने ‘सेनिया’ के जनक पद्म विभूषण बाबा अलाउद्दीन खां के पूर्वज हिंदू थे। उनकी चार पीढ़ी पहले के पूर्वज का नाम दीनानाथ देव शर्मा था। शर्मा के बेटे सिराजू उर्फ शम्स फकीर ने अंग्रेज की छत्रछाया में रहे नवाबों के कहर से बचने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था। यह खुलासा अलाउद्दीन खां की परपोती सहाना गुप्ता नी खां ने अपनी किताब ‘बोरो बाबा: उस्ताद अलाउद्दीन खां’ में किया है। अलाउद्दीन की बांग्ला में लिखी किताब ‘आमर कथा’ व इसकी पाण्डुलिपि से तैयार वंशावली में उन्होंने इसे दिखाया है।

किताब में सहाना ने लिखा है, उनके दादा मदार हुसैन खां थे। उनके पूर्वज हिंदू थे। पूर्वज दीनानाथ देव शर्मा ने तपस्या करने के लिए भौतिक संसार त्याग दिया था। दीनानाथ अखंड भारत के कोमिल्ला जिले के शिवपुर (अब बांग्लादेश) के मूल निवासी थे। बाद में त्रिपुरा आ गए।

उन्हें त्रिपुरा राजा से शाही सम्मान भी मिला। बोरो बाबा (अलाउद्दीन खां) ने आत्मकथा में लिखा है कि दीनानाथ देव यहां शांताय नामक पहाड़ी पर एक काली मंदिर में रहने लगे थे। यहां उन्होंने ध्यान और तंत्र विद्या का अभ्यास किया।

कैसे बने मुसलमान

सहाना लिखती हैं, दीनानाथ के बेटे सिराजू ईस्ट इंडिया कंपनी से प्लासी की लड़ाई लड़ रहे थे। तब अंग्रेज परस्त नवाब खिलाफ थे। सिराजू के दल को इस युद्ध में नुकसान पहुंचा। बिखराव के बाद नवाबों की सेना ने उन पर दबाव बनाया। खुद को बचाने के लिए अपनी हिंदू पहचान त्याग दी, शम्स फकीर बन गए। तब से आगे की पीढ़ियां मुस्लिम नामों से जानी जाने लगीं।

बाबा के पोते ने नाम में जोड़ा देव शर्मा

सहाना की तरह अलाउद्दीन खां के पोते आशीष खां ने पूर्वजों की हिंदू पहचान मानकर नाम में देव शर्मा जोड़ा। अपना नाम आशीष खां देव शर्मा लिखते हैं। वे बाबा के शिक्षित इकलौते जीवित शिष्य हैं। अमरीका में रहते हैं।

Updated on:
15 Aug 2024 03:38 pm
Published on:
15 Aug 2024 03:34 pm
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