
सवाईमाधोपुर @ पत्रिका. रोडवेज डिपो में अधिकारियों की अनदेखी का खमियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में समय पर न तो कार्यशाला में तथा बस स्टैण्डपर स्टाफ नहीं मिलने से समय पर बसे नहीं निकल रही है। इससे उन्हें असुविधा हो रही है। शनिवार सुबह खण्डार जाने के लिए करीब एक दर्जन यात्री सुबह पौने छह बजे रोडवेज स्टैण्डतथा इतने ही यात्री रणथम्भौर सर्किल पर बस आने का इंतजार कर रहे थे।लेकिन बस स्टैण्डतथा कार्यशाला में सुबह साढ़े छह बजे तक कोईकर्मचरी नहीं आया।ऐसे में कार्यशाला में से बस नहीं निकाली गई। इससे गुस्साएं कईयात्री तो घरा चले गए तथा कुछ ने स्टैण्ड पर रोडवेज डिपो पर अव्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन किया।
अधिकारी नहीं उठाते फोन
सवाईमाधोपुर से खण्डार तक रोडवेज बस के दैनिक यात्री रामसिंह मीणा, जितेन्द्र शर्मा, भूपेन्द्र सहित बैंक में कार्यरत कर्मचारी आदि ने बताया कि सुबह छह बजे डिपो से खण्डार के लिए रोडवेज बस रवाना होती है। समय पर बस नहीं आने पर उन्होंने रोडवेज के मुख्य प्रबंधक व कोटा जोन के महाप्रबंधक को फोन भी किए, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया।ऐसे में परेशान हो कर वे वहां से चले गए।
मनमर्जीसे आते है कर्मचारी
लोगों ने बताया कि डिपो में रात ग्यारह बजे तक रोडवेज बसों के आने का सिलसिला रहता है। तथा सुबह पांच बजे से रोडवेज बस अपने गन्तव्य के लिए रवाना होती है। ऐसे में सुबह आठ बजे पहले तथा रात को सात बजे बाद डिपो में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता है। कार्यशाला में मौजूद गार्डही चालक परिचालकों को लोग शीट देता है।
पूछताछ कार्यालय पर लटका रहता है ताला
यात्रियों ने बताया कि रोडवेज बस स्टैण्ड पर स्थित पूछताछ कार्यालय, यातायात प्रबंधक, टिकिटि विण्डो पर ताले लटके रहते है। उन्होंने जिला कलक्टर से मामले की जांच करा सुबह पांच बजे से रात बसे आने तक स्टाफ की ड्यूटी लगाने की मांग की है।
इनका कहना है....
स्टाफ की कमी के चलते एक चालक को रात को लालसोट भेज दिया था। ऐसे में सुबह उसके नहीं आने से खण्डार जाने वाली बस नहीं निकल सकी। स्टाफ बस स्टैण्डपर ही था।सावों की धूम के चलते थोड़ी अव्यवसथा हो रही है। यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है।व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
मनोहरलाल शर्मा, मुख्य प्रबंधक रोडवेज डिपो सवाईमाधोपुर।