सवाई माधोपुर

34 घण्टे बाद झाड़ियों में फंसा मिला नाले में बहे युवक का शव, घर का इकलौता चिराग था ऋषिकेश

सेमती नाले में बहे युवक का शव मंगलवार दोपहर तीसरे दिन घटना स्थल से 6 किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला।
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Dead body found
34 घण्टे बाद झाड़ियों में फंसा मिला नाले में बहे युवक का शव, घर का इकलौता चिराग था ऋषिकेश

मलारना डूंगर। रणथम्भोर नेशनल पार्क के अंदर मलारना डूंगर व खण्डार थानो की सीमा इलाके में स्थित कठूली- पादड़ा होते हुए बहने वाले सेमती नाले में बहे युवक का शव मंगलवार दोपहर तीसरे दिन घटना स्थल से 6 किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला।

शव मिलने के बाद ग्रामीण शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में रख कर गांव बसव खुर्द लेकर गए। जहां पुलिस ने शव कब्जे कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को साैंप दिया। मलारना डूंगर थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह ने बताया कि रविवार दोपहर बाद बसव खुर्द निवासी ऋषिकेश ( 22 ) पुत्र रामचरण मीना कठूली गांव के भेरूजी के स्थान पर पूजा करने गया था।

जहां पूजा कर लाैटते समय वह सेमती नाले में आए पानी के तेज बहाव में बाह गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना रविवार देर रात पुलिस कण्ट्रोल पर दी थी। सूचना पर रविवार रात एक बजे मोके पर पहुंचे। इसके बाद से लगातार रेस्क्यू चलाया जा रहा था।

घटना स्थल खण्डार थाना इलाके में होने से खण्डार थाना प्रभारी रोहित चावला, खण्डार एसडीएम व तहसीलदार भी मोके पर पहुंचे। सवाईमाधोपुर से रेस्क्यू टीम को बुलाकर युवक की तलाश की गई। इस दौरान तालड़ा रेंज के रेंजर भरतलाल वर्मा व वनपाल रामखिलाड़ी के नेतृत्व में वनकर्मी भी युवक की तलाश करते रहे।

34 घण्टे से अधिक समय तक रात दिन चले रेस्क्यू के दौरान आखिर नाले में बहे युवक ऋषिकेश मीणा का शव भीड़ तालड़ा के पास मंगलवार दोपहर दो बजे के लगभग घाटा वाले भेरूजी के पास झाड़ी में फंसा मिला।

बसव खुर्द निवासी ऋषिकेश मीणा के नाले में बहने के बाद उसको तलाशने में प्रशासन के साथ सैंकड़ों ग्रामीण भी रेस्क्यू में जुटे रहे। विशेष कर बसव खुर्द नहरू नव युवक मण्डल अध्यक्ष जगदीश मीणा के साथ मण्डल के सदस्य, गांव के लोगों सहित बसव कला, भूरीपहाड़ी, डुंगरी के लोग भी इस रेस्क्यू में रात दिन जंगल में डटे रहे।

हादसे में अपने इकलौते पुत्र को खोने के बाद मृतक के पिता ने मोके पर ही खण्डार सीआई को रिपोर्ट दी। इस पर पुलिस मर्ग दर्ज कर लिया। ग्रामीणों की मानें तो ऋषिकेश रामचरण का इकलौता पुत्र था। इसके अलावा दो बहनें हैं। ऋषिकेश की माैत के बाद से ही गांव में गमगीन माहाैल है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

Published on:
24 Jul 2018 07:39 pm
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