सवाई माधोपुर

त्रिनेत्र गणेश मंदिर परिक्रमा मार्ग पर एक बार फिर बाघिन का मूवमेंट, अगले आदेश तक परिक्रमा पर रोक

Trinetra Ganesh Temple: त्रिनेत्र गणेश मंदिर परिक्रमा मार्ग पर एक बार फिर बाघिन का मूवमेंट श्रद्धालुओं की राह में बाधा बना हुआ है। ऐसे में वन विभाग ने सुरक्षा कारणों से गुरुवार को होने वाली परिक्रमा को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है।

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Tigress spotted Trinetra Ganesh
सवाईमाधोपुर. त्रिनेत्र गणेश परिक्रमा मार्ग पर विचरण करती बा​घिन. एआई फोटो

Trinetra Ganesh Temple: सवाई माधोपुर । राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में रणथम्भौर दुर्ग के भीतर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर परिक्रमा मार्ग पर एक बार फिर बाघिन का मूवमेंट श्रद्धालुओं की राह में बाधा बना हुआ है। वर्तमान में बाघिन अपने शावकों के साथ इस मार्ग पर विचरेण कर रही है। वन विभाग ने सुरक्षा कारणों से गुरुवार को होने वाली परिक्रमा को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया है।

विभाग की ओर से बाघिन और शावकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यह कोई पहला अवसर नहीं है जब बाघ या बाघिन के मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर रोकना पड़ा हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। वन विभाग को कई बार श्रद्धालुओं के विरोध का सामना करना पड़ा है।

डेढ़ घंटे तक बाहर करना पड़ा इंतजार

20 मई 2026 को परिक्रमा मार्ग पर बाघ टी-120 आ गया था। उस समय वन विभाग ने श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया और करीब डेढ़ घंटे तक उन्हें बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में बाघ के अन्य स्थान पर जाने के बाद परिक्रमा शुरू कराई गई।

श्रद्धालुओं ने हंगामा भी किया था

मई 2020 में भी बाघ ने श्रद्धालुओं का रास्ता रोका था। करीब पौन घंटे तक परिक्रमा मार्ग बंद रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हंगामा भी किया था। वनाधिकारियों ने बताया कि त्रिनेत्र गणेश मंदिर परिक्रमा मार्ग क्रिटिकल टाइगर हैबिटाट का हिस्सा है। यहां बाघिन रिद्धि और उसके शावक, बाघ गणेश सहित कई वन्यजीवों का विचरण रहता है। यही कारण है कि श्रद्धालुओं को अक्सर ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

इनका कहना है

उपवन संरक्षक रणथम्भौर मानस सिंह का कहना है कि फिलहाल बाघिन अपने शावकों के साथ परिक्रमा मार्ग पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए परिक्रमा स्थगित की गई है। विभाग ने लोगों से आह्वान किया है कि वे सहयोग करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

मंदिर में भगवान गणेश जी की पहली त्रिनेत्री प्रतिमा विराजमान है। त्रिनेत्र मंदिर में गणेश जी अपने पूरे परिवार, दो पत्नी- रिद्दि और सिद्दि एवं दो पुत्र- शुभ और लाभ के साथ विराजमान हैं। देशभर से भक्‍त अपने घर में होने वाले हर मंगल कार्य का पहला निमंत्रण यहां भगवान गणेश के लिए भेजते हैं।

कहा जाता है क यहां सच्चे मन से मांगी हर मुराद पूरी होती है। त्रिनेत्र गणेश मंदिर सवाई माधोपुर शहर से 13 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर विश्व धरोहर में शामिल रणथम्भौर दुर्ग के भीतर बना हुआ है। यहां रेल मार्ग और बस मार्ग के जरिए पहुंचा जा सकता है। यहां से नजदीकी एयरपोर्ट जयपुर है, जहां से बस या ट्रेन से सवाई माधोपुर जाना होगा। यहां से हर समय मंदिर जाने के लिए वाहन उपलब्ध हैं।

Updated on:
17 Jun 2026 07:25 pm
Published on:
17 Jun 2026 07:18 pm