शुरुआत: वर्ष 1982 में पेरिस में पहला 'वर्ल्ड म्यूजिक डे' मनाया गया। फ्रांस के तत्कालीन संस्कृति मंत्री जैक लैंगे ने इसे शुरू किया था। युवा कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया जाता है। ध्यान का यह स्वरूप भी सेहत को रखे तरो-ताजा और ऊर्जा से भरपूर, शोधकर्ताओं ने अलग-अलग शोध के आधार पर संगीत को बताया है फायदेमंद।

स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम, योग, ध्यान, जुम्बा, तैराकी, दौड़ और स्पोट्र्स जरूरी है। जैसे-जैसे हमारी जिम्मेदारियां बढ़ती जाती हैं हम इन सभी से दूर होते चले जाते हैं। फिर एक वक्त ऐसा आता है जब हम दिनभर में सक्रिय रहने के लिए कुछ भी नहीं करते हैं। परिणामस्वरूप मोटापा, सुस्ती, एन्ज़ाएटी, बट सिंड्रोम और वजन बढ़ने की शिकायतें बढ़ने लगती हैं। लेकिन कुछ व्यायाम और ध्यान ऐसे भी हैं जिन्हेंसमय कम होने या काम करते-करते भी किया जा सकता है। ये भी बहुत लाभदायक होते हैं। संगीत सुनना भी इन्हीं में से एक है। दरअसल, संगीत मनोरंजन भी है और ध्यान भी है। यह हमारी उदासी का साथी है तो साधना का स्वर भी है। लेकिन क्या आप जानते है कि आपकी जिंदगी में संगीत कितना जरूरी है? चलिए आपको बताते है, संगीत सुनने के फायदे जिन्हें अपनाकर आप भी बहुत सी परेशानियों से राहत पा सकते हैं।
संगीत शरीर और मन के लिए अच्छा है। वैज्ञानिकों की मानें तो संगीत सुनने वाले हमेशा खुश और स्वस्थ बने रहते हैं। इतना ही नहीं संगीत हमें कई मानसिक और शारीरिक परेशानियों से भी दूर रखने में मदद करता है। वैज्ञानिकों के अनुसंधान पर आधारित ऐसे ही कुछ फायदे हम यहां आपको बता रहे हैं-
01. मूड रहता ठीक
वैज्ञानिकों का कहना है कि जब हम अपने पसंदीदा संगीत या गानों को सुनते हैं तो हमारे दिमाग में डोपामाइन हार्मोन का रिसाव होता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर हार्मोन हमारे द्वारा अनुभव की जाने वाली सुखद भावनाओं को पुष्ट करता है, जो हमें और भी अधिक खुश रहने में मदद करती हैं। इतना ही संगीत सुनने से रोड रेज की घटनाएं भी कम होती हैं। दरअसल जब हम संगीत सुनते हैं तो हमारा मूड बेहतर हो जाता है, यह हमारी सुरक्षित रहने की भावना को बढ़ा देता है।
02. स्मृति और सीखने की क्षमता बढ़ाए
एक अध्ययन से पता चलता है कि संगीत लोगों को सीखने और उसे दोहराने में मदद कर सकते हैं। संगीत न सुनने वाले लोगों ने पाया है कि संगीत सुनने से उनकी सीखने की क्षमताओं में सुधार हुआ। ऐसे ही 'न्यूट्रल' संगीत ने उनके परीक्षण कौशल में सुधार किया। वहीं संगीत से रात की नींद भी बेहतर होती है। शास्त्रीय संगीत हर किसी की रात की दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि यह नींद में सुधार और अनिद्रा के इलाज में मददगार साबित हुआ है।
03. अवसाद घटाने में मदद करे
संगीत अवसाद के लक्षणों को कम करता है। चूंकि अवसाद अनिद्रा से जुड़ा हुआ है, ऊपर दिए गए नींद के अध्ययन में ऐसे प्रतिभागियों में अवसादग्रस्त होने केे लक्ष्ण कम देखे गए जो सोने से पहले शास्त्रीय संगीत सुनते थे। इतना ही नहीं संगीत तनाव में भी कारगर है। वैज्ञानिकों का कहना है कि संगीत हमारे रक्तचाप को सामान्य करने में भी सक्षम है। यह तनाव संबंधी हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को भी कम करता है। तनाव दिल की बीमारी, मधुमेह और अवसाद सहित कई बीमारियों का कारण है।
04. शारीरिक क्षमता भी बढ़ाए
तेज और अपबीट गाने न केवल हमारी थका देने वाली कसरत को आसान बना देता है बल्कि अनुसंधान से यह भी पता चलता है कि वे वास्तव में तेजी से स्प्रिंट चलाने में भी हमाररी मदद करते हैं। इसके अलावा संगीत हमारी मौखिक बुद्धि (वर्बल इंटेलिजेंस) को भी बेहतर बनाता है। संगीत हमारे भाषा-आधारित तर्क को बढ़ावा देता है। यॉर्क यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में, 90 प्रतिशत बच्चों ने लय, पिच, मेलोडी और आवाज पर ट्रेनिंग ली। केवल 20 दिनों में ही उनके शब्द कौशल में काफी सुधार आया।
05. हृदय रखे बेहतर
संगीत रक्तचाप कम करने के अलावा, हृदय गति में परिवर्तनशीलता (HRV) अथवा दिल की धड़कन के बीच के समय में भिन्नता बढ़ाता है। संगीत चिकित्सा पर हुए एक अध्ययन में, प्रतिभागियों ने मेडिटेटिव संगीत को चिंता के स्तर को कम करने और उच्च एचआरवी का अनुभव किया। जिसका अर्थ है कि उनके दिल तनाव में भी बेहतर महसूस कर सकते हैं। संगीत दर्द भी कम करता है। शारीरिक थकान में भी संगीत जादू का सा काम करता है। कैंसर के मरीज़ों ने यह भी यह पाया कि संगीत सुनने से उनके दर्द को कम करने में मदद मिली। वैज्ञानिकों का कहना है कि संगीत में वास्तव में एक उपचार शक्ति है।
06. सटीक अनुमान लगा सकते
संगीत सुनने पर हमारे मस्तिष्क का -'रिवार्ड' हिस्सा जागृत हो जाता है, जो पूर्वाभास से संबंधित है। संगीत सुनने के दौरान दिमाग यह पता लगाने का प्रयास करता है कि आगे क्या होने वाला है। इससे हमें सटीक पूर्वाभास होता है।
07. स्पीच प्रॉब्लम्स को दूर करे
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, स्पीच समस्याओं वाले मरीज 'ऐसे शब्द गाने में सक्षम होते हैं जिन्हें वे बोल नहीं सकते।' मस्तिष्क का दाहिना हिस्सा संगीत से और बांया भाषा से जुड़ा है। इसलिए संगीत दिदमाग के इन दोनों हिस्सों के बीच नए न्यूरोलॉजिकल मार्ग बनाकर स्पीच थेरेपी में मदद करता है।