शोध से यह बात उजागर हुई है कि Vitamin D की कमी से अवसाद का खतरा बढ़ जाता है।
नई दिल्ली। जब शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है, तो अक्सर बीमारियां घर करना शुरू कर देती हैं। अब हाल में हुए एक शोध से यह बात उजागर हुई है कि विटामिन-डी की कमी से अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गो में तो यह खतरा और भी अधिक होता है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि इस खतरे को पहचाने कैसे और इसको दूर करने का क्या उपाय है।
विटामिन-डी की कमी से होता है अवसाद
मालूम हो कि विटामिन-डी का मुख्य स्रोत सूर्य की किरणें हैं। ऐसे में बुजुर्गो को सूर्य के प्रकाश से दूर रखने से उनको अवसाद का खतरा बढ़ सकता है। शोध में पाया गया कि विटामिन-डी की कमी से अवसाद का खतरा 75 फीसदी बढ़ जाता है। ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा धूप लें और खुद को अवसाद से दूर रखें। बता दें कि दूध पीने से भी विटामिन डी की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है।
इस शोध के बारे में आयरलैंड के डबलिन विश्वविद्यालय के शोधार्थी ईमोन लैर्ड ने बताया, "शोध में पाया गया कि विटामिन-डी का संबंध हड्डी के अलावा स्वास्थ्य संबंधी अन्य दशाओं से भी है। हैरानी की बात यह है कि इसकी कमी का असर अवसाद पर भी होता है।" उन्होंने बताया, "परामर्श के अनुसार, विटामिन-डी का सेवन सुरक्षित है और अपेक्षाकृत सस्ता भी है। इस शोध में विटामिन-डी से स्वास्थ्य को होने वाले फायदे के प्रमाण मिलते हैं।" बता दें कि पोस्ट एक्यूट एंड लांग टर्म केयर मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित इस शोध में 50 से अधिक उम्र के 4,000 लोगों को शामिल किया गया था।