
वॉट्सऐप की मालिकाना कंपनी फेसबुक लंबे समय से अपने प्लेटफॉर्म से झूठी खबरों और गलत जानकारियों को फैलने से रोकने का प्रयास कर रहा है। कोरोना महामारी के दौरान गलत और भ्रामक जानकारियां फैलने से रोकने के लिए फेसबुक की इस इंस्टैंट सर्विसिंग मैसेज ऐप ने 'पॉइंटर इंस्टीट्यूट' के अंतरराष्ट्रीय फैक्ट-चैकिंग नेटवर्क से समझौता किया है। इससे यूजर्स को लोकल फैक्ट-चैेकिंग के जरिए फर्जी और गलत जानकारियों या मैसेज का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसके लिए यूजर्स को केवल मैसेज भेजना होगा और चेक करने वाले उसे रिव्यू करेंगे। वॉट्सऐप का यह नया फीचर भारत समेत दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में उपलब्ध होगा। वॉट्सऐप पर यूजर्स अंतरराष्ट्रीय फैक्ट-चैकिंग नेटवर्क के चैटबोट की मदद से दुनिया भर में यूजर्स आसानी से इस बात को चेक कर सकेंगे कि कोरोना से संबंधित कोई जानकारी पेशेवर फैक्ट-चैकर्स ने झूठ बताई है या नहीं। वर्तमान में यह चैटबोट केवल अग्रेजी में फैक्ट-चैक देगा लेकिन जल्द ही यह हिंदी, स्पेनिश, पुर्तगाली और ऐसी ही दूसरी भाषाओं को भी सपोर्ट करेगा।