स्मार्ट लॉक, डिजिटल गेट, ऐप से खुलने वाली कार, और फेस आईडी जैसी स्मार्ट टेक्नोलॉजी (Smart Technologies) ने हमारे जीवन को पहले से कहीं ज़्यादा आसान तो बना दिया है, लेकिन इमरजेंसी (Emergency) की स्थिति में बिजली, बैटरी, नेटवर्क, सर्वर या खुद डिवाइस के फेल होने पर ये सुविधाएं कई बार बड़े संकट में डाल देती हैं। कल्पना कीजिए, घर में कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए। बाहर मदद के लिए लोग खड़े हों, लेकिन स्मार्ट लॉक का पासवर्ड सिर्फ उसी व्यक्ति को पता हो जो बेहोश हुआ है। अस्पताल ले जाने के लिए कार सामने खड़ी हो, लेकिन वो मोबाइल ऐप से ही खुलेगी और फोन की बैटरी खत्म हो चुकी हो। ऐसे में कुछ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। इसी तरह अग्नि हादसों में कई बार देखा गया है कि एहतियात के तौर पर घर की बिजली काटने पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक निष्क्रिय हो गए और ऑटोमेटेड गेट जाम हो गए। ऐसे हादसों में एक-एक सेकंड कीमती रहता है।