सीहोर

‘घड़ियाली आंसू बहा रहे शिवराज-कार्तिकेय…’, पूर्व IFS का बड़ा आरोप, कोसमी में वन विभाग की कार्रवाई को बताया सही

Shivraj Singh Chauhan: बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान हटाने (Budhni tribal houses demolition) पर विवाद के बीच पूर्व IFS आजाद सिंह डबास ने शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय पर गंभीर आरोप लगाए।
2 min read
• •
Oct 14, 2026
budhni tribal houses demolition former ifs officer shivraj singh chauhan comment
Budhni tribal houses demolition: पूर्व IFS का शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय पर गंभीर आरोप (फोटो सोर्स-Patrika)

Budhni tribal houses demolition: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा छेत्र के अंतर्गत कोसमी गांव में 11 अक्टूबर की रात आदिवासी परिवारों के 12 मकानों पर वन विभाग की कार्रवाई को लेकर उठा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी लेकर पूर्व आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास (Former IFS Officer Azad Singh Dabas) का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में पूर्व अधिकारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं स्थानीय सांसद शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) पर आरोप लगाते दिखाई दे रहे है। उन्होंने शिवराज के वन विभाग के कर्मचारियों को 'नरपिशाच' वाले बयान पर आपत्ति जताई है। यहीं नहीं, पूर्व अधिकारी ने कार्तिकेय सिंह चौहान (Kartikeya Singh Chauhan) की भूमिका पर सवाल उठाए।

2021 तक नहीं था अतिक्रमण, प्लांटेशन के बाद बने मकान

पूर्व IFS डबास ने कहा कि जिस क्षेत्र में वन विभाग ने कार्रवाई की है, वहां अतिक्रमण के अन्य मामले दर्ज है। इन्हीं में से एक मामले में वन विभाग ने कार्रवाई की। डबास ने दावा किया कि, साल 2021 में वन विकास निगम ने इसी क्षेत्र में प्लांटेशन किया था, लेकिन उस समय यहां अतिक्रमण नहीं था। उन्होंने कहा कि यहां 36 हेक्टर जमीन पर 12 परिवारों ने मकान बनाकर अतिक्रमण किया है। इनमे से 10 आदिवासी परिवार और दो अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवार शामिल है। यही नहीं, विक्रम नाम का एक आदिवासी व्यक्ति तो सिंहपुर का सरपंच भी रह चुका है। डबास ने यह भी कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि विक्रम ने हालही में एक कार भी खरीदी है। इन सभी अतिक्रमणकारियों के सिंहपुर में पक्के मकान है।

घड़ियाली आंसू बहा रहे है शिवराज-कार्तिकेय- पूर्व IFS अफसर ने लगाए आरोप

वहीं, पूर्व अधिकारी डबास ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय सिंह पर भी मामले में राजनीति करने के आरोप लगाए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि यह शिवराज, कार्तिकेय और विधायक रमाकांत भार्गव पिछले दो दिन से नाटक कर रहे है। डबास ने तीनों के विरोध प्रदर्शन को घड़ियाली आंसू बताते हुए कहा कि वन विभाग ने 11 अक्टूबर को नियमानुसार कार्रवाई की थी। पूर्व आईएफएस अधिकारी ने कार्तिकेय सिंह चौहान के उस आरोप को भी गलत बताया, जिसमें उन्होंने वन विभाग की टीम पर आदिवासी बच्चियों के साथ मारपीट करने की बात कही थी। डबास ने सवाल उठाया कि कार्तिकेय सिंह चौहान किस हैसियत से धरने पर बैठे थे? इसके साथ ने उन्होंने यह भी कहा कि शिवराज और उनके पुत्र पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि, बीती 11 अक्टूबर को कोसमी गांव में प्रशासन और वन विकास निगम की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर आदिवासी परिवारों के 12 मकान तोड़े थे, साथ ही, फसलें भी नष्ट की थीं। कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ी और मामला राजनीतिक गलियारों में भी गरमा गया। एक तरफ विपक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उटाए तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रशासनिक कार्रवाई को गलत ठहराते हुए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का बात कही। साथ ही, प्रशासनिक कार्रवाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखने की भी बात कही थी।

Updated on:
14 Oct 2026 12:31 pm
Published on:
14 Oct 2026 12:31 pm