
Sehore News :मध्य प्रदेश के सीहोर में प्रशासनिक अमले के द्वारा बुधवार को शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने के विरोध में धरना प्रदर्शन ज्ञापन देने वाली समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष इंदिरा भील ने इस कार्रवाई को पक्षपात पूर्ण बताया है। उनका कहना है कि, रसूखदार लोगों के अतिक्रमण नहीं हटाए गए हैं गरीब तबके के लोगों के कच्चे मकान दुकान तोड़ दिए गए हैं।
आपको बता दें कि, सीहोर जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित ग्राम सारंगाखेड़ी में इंदौर - भोपाल हाईवे के पास स्थित बाईपास के नजदीक कुछ लोगों के द्वारा बास, बल्ली, चद्दर डालकर शासकीय जमीन पर पक्का निर्माण कर लिया गया था। अतिक्रमणकर्ताओं में शहर के अनेक रसूखदार लोगों के नाम शामिल हैं।
मामले को लेकर एसडीएम तन्मय वर्मा के निर्देश पर तहसीलदार डॉक्टर अमित सिंह के निर्देशन में नायब तहसीलदार धनजी मालवीय, राजस्व निरीक्षक धीरेंद्र वर्मा राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र जामलिया राजस्व निरीक्षक आरती भिलाला, हल्का पटवारी नीलेश यादव, पटवारी शरद गुप्ता विक्रम सिंह भारत मेवाड़ा,कैलाश वर्मा नीरज जोशी और नगर पालिका राजस्व विभाग के कर्मचारियों के द्वारा अतिक्रमण हटवाया गया।
बताया जा रहा है कि, इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी की सीहोर जिला अध्यक्ष इंदिरा भील के द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था, जिसमें शासकीय भूमि पर कुछ लोगों के द्वारा अनाधिकृत धनराशि लेकर कब्जा कराए जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद प्रशासन ने आरोप की पड़ताल के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया है।
हालांकि, समाजवादी पार्टी की जिला अध्यक्ष इंदिरा भील ने प्रशासन के द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को आधा अधूरा बताया है। उन्होंने कहा कि, इस पक्षपात पूर्ण कार्रवाई के विरोध में जल्दी ही कलेक्टर को ज्ञापन देंगे।