सीहोर

एक साल के लिए टेंडर पर रखा, पांच महीने में ही हटाया

कंपनी ने कागजों में किया काम पूरा, एक साल की जगह पांच महीने में ही कर्मचारियों को हटाया, सौभाग्य योजना को मूर्त रूप देने जिले में ८० कर्मचारियों को रख
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Updated: 2 May 2018, 7:16 AM IST
 bijli
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सीहोर. हर घर को बिजली से रोशन करने चलाई सौभाग्य योजना धरातल पर मूर्त रूप लेती, उससे पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। जिन कर्मचारियों को योजना में काम करने रखा था, उनको कंपनी ने काम पूरा होने की बात कहकर अधर में ही हटा दिया है। इससे बेरोजगार होकर उनके सामने ठोकरे खाने की नौबत आ गई है। कर्मचारियों के मुताबिक अभी कई जगह काम हुआ ही नहीं है। जिस कंपनी को इसका ठेका दिया था, उसने लापरवाही दिखाई है। कर्मचारियों ने कहा उन्हें एक साल के लिए टेंडर पर रखा था, लेकिन उन्हें पांच महीने में ही हटा दिया गया।

बेरोजगार हो गए कर्मचारी
कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी ने उनको नौ हजार ३६० रुपए वेतन पर रखा था। इसमें आठ हजार ७२ रुपए खाते में आ रहे थे। शेष पीएफ जमा होता था। जितना वेतन मिलता था, उससे ही परिवार का पालन पोषण करते थे। अचानक इस तरह की नौबत आने से बेरोजगार हो गए हैं। इधर-उधर भटकना तक पड़ रहा है। कंपनी की इस कार्यप्रणाली को लेकर सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे कि भविष्य में दोबारा से इस तरह की बात सामने नहीं आ सकें। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो उनको आंदोलन करने बाध्य होना पड़ेगा। शिकायत दर्ज कराने वालों में हृदेशदास, संदीप कुमार, बलराम परमार, पवन वर्मा, बिमलेश वर्मा, गजराज मालवीय, विजय राठौर, गोवर्धन राजपूत, सुरेंद्र राजपूत, सुनील मालवीय, हरिओम, अखिलेश वर्मा, देवनारायण वर्मा, रजत वर्मा, प्रमोद वर्मा, देवेंद्र वर्मा, जितेंद्र वर्मा, नरेंश वर्मा, राजेश मेवाड़ा, संजय चौधरी, सादिक खान, रोहित, आकाश, रवि वर्मा, कमल ठाकुर आदि हैं।

बीच में हटा दिया
कर्मचारियों को कंपनी ने बगैर कारण के हटा दिया है। इससे समस्या खड़ी हो गई है। जबकि अभी काम पूरा ही नहीं हुआ है। वहीं कंपनी ने काम पूरा होने की बात कहकर हटा दिया है। -सुरेंद्र प्रताप सिंह, कर्मचारी

बेरोजगार हो गए
अचानक कंपनी के हटाने से सभी कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। ठोकर खाने की नौबत आ गई है। समझ नहीं आ रहा क्या करें। डिप्टी कलेक्टर को शिकायत दर्ज कराई है। -संदीप कुमार, कर्मचारी

जांच कराई जाएगी
कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई शिकायत की जांच कराई जाएगी। इसमें बिजली कंपनी से भी बात की जाएगी।जांच में सही पाया गया तो निश्चित ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -आदित्य कुमार जैन, डिप्टी कलेक्टर सीहोर

मंगलवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर आदित्य कुमार जैन को पूरी हकीकत बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि सौभाग्य योजना के तहत एसी इनफोटेक कंपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने एक साल के लिए ५ दिसंबर २०१७ को टेंडर पर रखा था। इसमें जिले से करीब ८० कर्मचारी शामिल थे। उनसे बिजली से संबंधित नए कनेक्शन प्रदान करने के साथ बिल वितरण, वसूली, कुर्की की कार्रवाई, बकायादारों को नोटिस देने से लेकर अन्य सभी काम कराए गए। कर्मचारियों ने बताया कि पूरी मेहनत से बताए काम को किया। टेंडर की समय अवधि के अभी पांच माह ही पूरे हुए थे कि उन्हें इससे पहले ही ३० अप्रैल २०१८ को बिना कारण के सभी को हटा दिया गया।

धरातल पर नहीं किया कंपनी ने काम
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने सौभाग्य योजना का काम कागजों में ही पूरा कर दिया है। अब भी कई गांव ऐसे हैं जहां पर बिजली तो दूर खंभे तक नहीं गाड़े हैं। आज भी यह गांव अंधेरे में ही डूबे हैं। बावजूद कंपनी काम पूरा होने की बात कह रही है। कर्मचारियों ने बताया कि इस संबंध में बिजली कंपनी के अफसरों को अवगत कराया तो उनकी तरफ से ठेका कंपनी की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। स्पष्ट कोई जवाब नहीं दे रहा है कि आखिर किस कारण से बीच में हटाया है।

-सौभाग्य योजना में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा कर्मचारियों का रखा गया था। रखे गए कर्मचारियों को हटाया नहीं गया है। सीहोर में सौभाग्य योजना का काम खत्म हो जाने के कारण उन्हें स्थानों पर भेजा जा रहा है। -साइमन डाबी, एच प्रमुख बिजली कंपनी सीहोर

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