
Sehore Sangeeta Malviya Success Story: कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली सीहोर जिले की महिलाएं अब स्व-सहायता समूहों से जुड़कर न सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रही है। इछावर विकासखंड के बिछौली गांव की संगीता मालवीय भी ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने महज 25 रुपए की बचत से शुरुआत की और आज फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रही है। संगीता अनुसार, कंपनी का टर्नओवर 5 करोड़ 83 लाख रुपए तक पहुंच चुका है।
संगीता ने बताया कि उन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर 25 रुपए की बचत शुरू की थी। समूह से 6 हजार रुपए का ऋण लेकर औषधीय खेती की शुरुआत की। खेती से आमदनी बढ़ी तो परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने लगा। देखते हुए उन्हें ग्राम संगठन में चुना गया।
संगीता के मुताबिक, अब उनकी सालाना आमदनी करीब 1 लाख 20 हजार रुपए है। ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश बरफा ने बताया कि संगीता अब फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की डायरेक्टर भी है। उनके अनुसार कंपनी से 2000 से अधिक किसान जुड़े है। कंपनी किसानों को बीज उपलब्ध कराने के साथ गेहूं, सोयाबीन और मशक्कता की खरीदी का काम भी करती है। संगीता स्व-सहायता समूह के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास में जुटी है।
संगीता मालवीय अपनी सफलता की कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ भी साझा कर चुकी हैं। उन्होंने ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षण भी लिया है। अब वे ड्रोन उड़ाने का काम कर रही हैं। संगीता का कहना है कि सात साल के इस सफर में उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब वे सैकड़ों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने के प्रयास में जुटी हैं। 25 रुपए की बचत से शुरू हुआ सफर आज उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बना चुका है, बल्कि दूसरे परिवारों के लिए भी रोजगार और आय के अवसर पैदा करने वाली भूमिका तक ले आया है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश बरफा के अनुसार, स्व-सहायता समूह से करीब दो हजार महिलाएं जुड़ी हैं, जिनमें करीब 1200 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मां गौरी आजीविका स्व-सहायता समूह ने भी पिछले 10 महीनों में करीब 12 लाख रुपए की आय अर्जित की है। समूह से जुड़कर महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिल रहे हैं।