
3 children die by drowning: पानी में डूबने से मौत (Photo Source - Patrika)
sehone news: रक्षाबंधन से ठीक 9 दिन पहले 3 भाई अपनी बहनों को छोड़कर हमेशा के लिए दुनिया से चले गए। घटना के बाद त्योहार की खुशियों से पहले ही घर में मातम छा गया। एक ही परिवार के 3 बच्चे चले जाने से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल। घर से जब दो सगे भाईयों की अर्थी एक साथ निकली तो पूरे क्षेत्र में मातम फैल गया हर किसी की आंखे नम थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर से खेलने के लिए निकले बच्चे हादसे का शिकार हो जाएंगे। तीन बच्चों में एक का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया। जिसके बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिन घर से खेलने निकले तीन बच्चों की मोगरा रोड स्थित बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई और एक बुआ का लड़का है। दोपहर करीब डेढ़ बजे तीनों बच्चों के शव गड्ढे से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए इछावर सिविल अस्पताल लाए गए। इस घटना को मिलाकर इस साल जनवरी से अगस्त तक आठ महीने में अलग-अलग स्थानों पर डूबने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार इछावर शहर के वार्ड क्रमांक 12 निवासी सोभाल सिंह सूर्यवंशी के बड़े बेटे प्रशांत (12), छोटे बेटे पृथ्वीराज (10) और उनकी बहन मनीषा सूर्यवंशी का बेटा दीक्षांत (11) सुबह घर से खेलने के लिए निकले थे। खेलते हुए तीनों घर से करीब आधा किलोमीटर दूर मोगरा रोड पर सड़क किनारे बारिश के पानी से लबालब भरे मिट्टी के गड्ढे में पानी अधिक होने के कारण उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान प्रशांत पानी में डूबने लगा, जिसे देखते हुए दोनों अन्य बच्चे उसे बचाने के लिए अंदर गहरे पानी में चले गए और कुछ ही देर में तीनों डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों ने गड्ढे में बच्चों के शव देखे तो दंग रह गए। बच्चों की पहचान करने के बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों के पहुंचने के बाद गड्ढे से तीनों बच्चों को बाहरनिकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए इछावर शासकीय अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
मनीषा बाई और उनके पति अखिलेश इंदौर में काम करने गए दीक्षांत को भाई सोभाल सिंह के घर इछावर में पढ़ाई के लिए छोड़ा था। मनीषा का दीक्षांत इकलौता बेटा था, जबकि उसके भाई सोभाल सिंह के दो बेटे थे। परिवार में एक साथ भाई-बहन के परिवारों का चिराग बुझ गए। अब दोनों भाई-बहन की एक- एक छोटी बेटी ही बची है। रक्षाबंधन से ठीक 9 दिन पहले हुई इस घटना ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया है।
गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हुई है। है। शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया गया था। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। - रामबाबू राठौर, थाना प्रभारी इछावर
3 जनवरी 2026 : रेहटी क्षेत्र में नर्मदा नदी में उतरे दो सगे भाइयों पानी विकास और शुभम की गहरे में जाने से मौत हो गई थी। शवों को काफी मशक्त के बाद बाहर निकाला गया था।
26 मई 2026 : बुदनी के बरखेड़ी नर्मदा घाट पर स्नान करते समय भोपाल निवासी 40 वर्षीय बलवंत नेताम की गहरे पानी में डूबने मौत हो गई।
4 जुलाई 2026 : आष्टा क्षेत्र के बापचा दोनिया गांव के पास खदान में डूबने से 12 वर्षीय समर और 10 वर्षीय समर की मौत हो गई।
18 जुलाई 2026: पानी से भरी मुरम खदान में चादर की अस्थायी नाव पलटने से 8 वर्षीय दीपू की मौत हो गई। तीन अन्य साथियों की जान बच गई।
19 जुलाई 2026: गेंद उठाने के प्रयास में गुलर छापरी (बिलकिसगंज) गांव के 7 वर्षीय आनंद का कुएं में पैर फिसलने से डूबकर निधन हो गया।
24 जुलाई 2026: चाचमाऊ के पास बरसाती नाले में पैर फिसलने से बहे अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। सर्चिग के दौरान काफी दूर से उसका शव बरामद किया गया
Updated on:
20 Aug 2026 03:55 pm
Published on:
20 Aug 2026 03:51 pm
