
सिवनी. दक्षिण वनमंडल के केवलारी परिक्षेत्र स्थित देवझिर के जंगल में शहडोल से लाए गए मजदूरों द्वारा सीपीटी नाली खुदाई एवं मेढ़ बंधान का कार्य कराया जा रहा है। विगत ढाई माह से अधिक समय तक काम करा लेने के बाद मजदूरों को वन विभाग के अमले ने मजदूरी का भुगतान नहीं किया। मजदूर बच्चों सहित भूखे पेट जीवन काटने को विवश हैं।
मजदूरी मिलने की वहां पर आस नहीं दिखी तो कलेक्टर कार्यालय परिसर सामान लेकर बच्चों सहित भीषण गर्मी में पहुंच गए। करीब 30 मजदूर ने मजदूरी की राशि दिलाए जाने की मांग की। मजदूरों ने बताया कि हमलोग शहडोल के रहने वाले हैं और करीब तीन माह पूर्व वन परिक्षेत्र केवलारी के देवझिर जंगल में नाली खुदाई का कार्य करने आए थे। कार्य में लगाने वाले क्षेत्रीय सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा प्रतिमीटर नाली खुदाई के हिसाब से शासन द्वारा निर्धारित राशि अनुरूप मजदूरी प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया गया था। प्रतिदिन दो मजदूर मिलकर पांच मीटर नाली की खुदाई कर रहे थे। विगत दो माह 17 दिन कार्य करने के बाद उन्हें संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
मजदूरों ने बताया कि उन्हें कार्य के दौरान सिर्फ किराना आदि खरीदने के लिए कुछ राशि दी गई थी, जो पहले माह में खत्म हो गई। इसके बाद उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया और वे लगातार बस स्टैण्ड के पीछे खुले मैदान में निवास करते हुए जंगल में काम कर रहे थे। जब उनके पास राशन पानी पूर्ण रूप से खत्म हो गया तो उनके द्वारा पुन: मजदूरी का भुगतान किए जाने की बार-बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई गई। लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
महुआ बीनकर पैसा जुटाया और पहुंचे सिवनी
मजदूर रघुवीर, सविता बाई, चैनसिंग, लोनी, नरबदिया सहित अन्य ने बताया कि जंगल में लगे महुए के पेड़ के नीचे महुआ बीनकर एकत्र किया और उसे आज बेचकर 1200 रुपए जुटाए और इसकी मदद से वे सामान व बच्चों सहित मुख्यालय स्थित दक्षिण वन मंडल कार्यालय पहुंचे। इसके बाद मजदूरों ने जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित बड़ के पेड़ के नीचे अपना डेरा डाल दिया। उधर मजदूरों के जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की जानकारी के बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। संबंधित अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। मजदूरों को मजदूरी दिलाने का आश्वासन देकर दो मजदूरों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के पास जाने की बात कहकर रवाना हो गए। घंटों तक मजदूर पेड़ के नीचे बैठकर मजदूरी मिलने की आस में भूखे पेट पानी पीपी पीकर रोते बच्चों को सहलाते दिखे।
मजदूरी का भुगतान करने दिया निर्देश
यह मामला मेरे संज्ञान में है। मैंने आज (सोमवार) को हर हॉल में मजदूरों के मजदूरी का भुगतान करने का निर्र्देश दिया है।
- टीएस सूलिया, वनमंडलाधिकारी दक्षिण सिवनी