
सिवनी. किसी भी जिले की पहचान उसकी बोली रहन-सहन एवं पहनावा से होती है। आजादी के बाद मध्यप्रदेश में अनेक जातियों ने आकर निवास किया और यहां पर अनेक प्रकार की बोलियों के बावजूद भी यहां पर एकता-अखण्डता देखने को मिलते रही। उक्त उद्गार कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य अमिता पटेल ने व्यक्त किए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अर्चना चंदेल की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में बीए प्रथम की रीमा एड़पाचे ने देशभक्ति गीत पर नृत्य किया। प्रीति सनोडिया ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किया। रातरानी भलावी ने गीत तेरी पनाह में हमें रखना, कुमारी शक्ति बरपेटिया ने लोक संस्कृति से जुड़े हुए चने के खेत में की प्रस्तुती दी। रीना कुशवाहा ने गोंडी नृत्य की प्रस्तुती दी।
लोगों को आकर्षित करने में निवेदिता नाग का नृत्य पहनू थारी चुनरी राजस्थानी सफल रहा। खुसबू राकेशिया ने लक्ष्य गीत एवं मुस्कान चौहान, पुष्पा उसरेठे, भारती सर्राठे ने भी गीत की प्रस्तुती दी। लेखवती पटले ने नृत्य प्रेम रतन धन पायो, वैशाली सूर्यवंशी ने नृत्य नैनो वाले की प्रस्तुती दी।
कार्यक्रम के दौरान नेहा सोनी, विनोद सनेसर, पालीवाल, नागवंशी, अवस्थी, सोनाली जायसवाल, अनीता कुल्हाड़े, अनीता भट्ट, शेषराव नावंगे, टीकाराम सनोडिया सहित अनेक लोगों का योगदान रहा।