- शिक्षक संघ ने कहा किसी के साथ नहीं होने देंगे अन्याय
सिवनी. मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्त करण के तहत 28 अगस्त को अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग की होना है। इसके लिए मंगलवार को सिवनी, बरघाट एवं केवलारी विकासखण्ड के अतिशेष शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपना दावे-आपत्ति का आवेदन प्रस्तुत किया। अतिशेष शिक्षकों की सूची में कई ऐसे भी हैं, जो मनचाही जगह पर पहुंचने के लिए जुगत भिड़ाते विधायक और कई अन्य नेताओं के अनुशंसा पत्र तक लिखवाकर प्रस्तुत कर रहे हैं।
अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग के मामले में राज्य शिक्षक संघ के जिला कार्यकारिणी के सदस्यों ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है कि अतिशेष की सूची में ऐसे अनेक शिक्षकों के नाम हैं, जो अतिशेष के दायरे में आते ही नहीं हैं। फिर भी जारी सूची में उनका नाम आ रहा है। साथ ही रिक्त पदों की सूची में भी कई त्रुटि होने की जानकारी मिली है।
बताया कि राज्य शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष ने व्यक्तिगत रूप से शिक्षा मंत्री सहित विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में सोमवार को वार्ता की थी। आज ऐसे शिक्षकों से उनके दावे-आपत्तियों को प्रस्तुत करने समय दिया गया। यदि किसी भी शिक्षक के साथ कोई त्रुटि हुई है तो समय पर अपनी आपत्ति कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद भी यदि कहीं कोई परेशानी का सामना करना पड़ता है तो राज्य शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होगा। तत्काल ही उस स्थिति के निराकरण की पहल की जाएगी।
इनका कहना है -
अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग होने जा रही है। इसमें कुछ त्रुटियां भी हैं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही होगी तो राज्य शिक्षक संघ हर स्तर पर इसका विरोध करेगा।
विपनेश जैन जिला अध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ सिवनी
इनका कहना है -
अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग में उन शिक्षकों का नाम आया है, जो शासकीय शालाओं में अतिरिक्त हैं। अब उनको ऐसी शाला में संलग्न किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है। विधिवत प्रक्रिया हो रही है।
एसएस कुमरे, डीईओ सिवनी