सिवनी

नजदीक के गोदामों में क्यों नहीं भेज रहे धान

- समितियों से खरीदकर भेजा जा रहा दूर के गोदामों पर, जिला आपूर्ति अधिकारी व जिला प्रबंधक नहीं दे पाए जानकारी, शासन के राजस्व की हो रही क्षति

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Jan 06, 2018
Madhya Pradesh State Civil Supplies seoni

अखिलेश ठाकुर सिवनी. जिले के समितियों पर किसानों से लंबे इंतजार, प्रति कट्टे अधिक तौल, हम्माल द्वारा किसान से तौलाई की वसूली आदि अनियमितताओं के बीच खरीदी हो रही है। इन सबके बीच अब नजदीक के गोदाम पर धान लोड कर ट्रक नहीं भेजने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी व जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज जानकारी नहीं दें पाएं हैं।
जिले में धान क्रय केन्द्रों पर गौर करें तो कुरई व सिवनी विकासखंड के आधा दर्जन क्रय केन्द्रों के धान ट्रक पर लोड कर चौरई क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं। बरघाट विकासखंड क्षेत्र से आने वाले धान को सीलादेही आदि गोदाम में भेजा गया है। जबकि कुरई व सिवनी क्षेत्र के चावड़ी, मोहगांव, गोपालगंज आदि सोसायटी के नजदीक का गोदाम सीलादेही है। इसी तरह की स्थिति लखनादौन, धूमा व केवलारी क्षेत्रों में भी है। नजदीक के गोदाम पर धान क्यों नहीं भेजा जा रहा है। इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश टाण्डेकर ने बताया कि इसकी जानकारी मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज के जिला प्रबंधक से मिलेगी।
उधर जिला प्रबंधक सलमान हैदर का कहना है कि मैं यहां प्रभारी हूं। सबकुछ आनलाइन है, लेकिन इसकी जानकारी भोपाल से ही मिल पाएगी।

यह होती है परेशानी
दूर के गोदाम में परिवहन से अधिक समय लगता है, क्योंकि ट्रक से धान को खाली करने में एक से दो दिन लग रहे हैं। दूर होने से अवागमन में अधिक समय लगता है। शासन के अधिक राजस्व भी लग रहा है। इसके अलावा देर होने से किसान उपज को लेकर अधिक समय तक समितियों पर धान बिक्री करने का इंतजार करते हैं। इससे किसानों को मानसिक व आर्थिक दोनों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विभागीय सूत्रों की माने तो परिवहन की मैपिंग उच्चाधिकारियों की बैठक में बनाई जाती है। हालांकि इसकी जानकारी संबंधित अधिकारी पत्रिका को क्यों नहीं देना चाह रहे हैं। यह समझ के परे हैं।
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गोपालगंज में फिर शुरू हुई अधिक तौल
सिवनी. सेवा सहकारी समिति मर्यादित गोपालगंज में विगत दिनों पत्रिका स्टिंग में अधिक धान तौलाई का मामला सामने आया था। इसके बाद गोपालगंज में अधिक तौल बंद हो गई थी। इसकी पुष्टि वहां धान बेचने गए किसानों ने की थी।
इसबीच शुक्रवार को जमुनिया निवासी किसान रीवा सनोडिया ने बताया कि धान की अधिक तौल कराई जा रही है। किसान ने बताया कि मैं स्वेच्छा से ४०.६०० किलोग्राम धान तौलने को तैयार था, लेकिन मेरे ऊपर दबाव बनाकर ४१.६०० किलोग्राम तौल कराई जा रही है। अधिक तौल को लेकर किसानों में आक्रोश है। इस मामले में विगत दिनों किसानों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत किया था। शिकायत के बाद कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन इसके बाद पुन: अधिक तौल शुरू कर दी गई है। किसानों की माने तो अधिक तौल जिला प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारियों के इशारे पर हो रहा है।
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Published on:
06 Jan 2018 12:18 pm