
सिवनी. योग करने से शरीर को निरोगी काया मिलती है। यह शरीर को निरोग रखने के साथ बौद्धिक क्षमता बढ़ाता है। योग के द्वारा व्यक्ति की मानसिकता दूसरों को सुख देने वाली बनती है। यह बात अब धीरे-धीरे लोगों को समझ में आने लगी है। यही वजह है कि जिले में इन दिनों योग के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। सुबह के समय पार्कों, मैदानों और घरों में बड़ी संख्या में लोग योग करते नजर आ रहे हैं। शहर के कई नागरिकों ने बताया कि पहले उन्हें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और शरीर दर्द जैसी समस्याओं के लिए नियमित दवाइयों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन योग को अपनाने के बाद उनकी दवाइयों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो गई है। योग से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। विशेषज्ञों के अनुसारए योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। इसमें प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न आसनों के माध्यम से शरीर और मन को संतुलित किया जाता है। डॉक्टरों का भी मानना है कि योग को दैनिक जीवन में शामिल करने से कई बीमारियों से बचाव संभव है, हालांकि गंभीर बीमारियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। नगर के योग प्रशिक्षकों का कहना है कि अगर लोग रोजाना कम से कम 30 मिनट योग करें तो उन्हें बेहतर स्वास्थ्य के साथ-साथ दवाइयों पर निर्भरता भी कम करने में मदद मिल सकती है। योग आज के समय में स्वस्थ जीवन का मजबूत आधार बनता जा रहा है। यदि इसे नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए, तो न सिर्फ बीमारियों से दूरी बनाई जा सकती है, बल्कि दवाइयों की जरूरत भी काफी हद तक कम की जा सकती है। हम शहर के कुछ ऐसे लोगों से आपको रूबरू करा रहे हैं जिन्होंने योग अपनाकर अपनी बीमारी को न केवल ठीक किया बल्कि वे अब दवाईयों से भी दूर हैं।
योग के साथ अच्छी दिनचर्या का भी होना जरूरी
पुराने आरटीओ कार्यालय के सामने निवासी एसबीआई से सेवानिवृत्त 67 वर्षीय मुकेश चौरसिया ने बताया कि वे पहले योग किया करते थे, लेकिन किसी कारणवश योग छोड़ दिया। उम्र बढऩे के साथ बीमारी ने घेर लिया। थॉयराइड, हाई बीपी की बीमारी हो गई। योग के फायदे वे जानते थे इसलिए दवा के साथ योग, प्राणायाम करना शुरु कर दिया। परिणाम यह रहा कि एक साल से दवा बंद हो चुकी है। पैर, गर्दन में दर्द न के बराबर है। अब कोई दवा नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि योग के साथ अच्छी दिनचर्या का होना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह 5 बजे उठ जाते हैं और नित्यक्रिया के बाद योगा करते हैं। शाम को 8 बजे से पहले खा लेते हैं और दिन में कुछ न कुछ करते रहते हैं। इससे वे स्वस्थ्य हैं।
22 साल से कर रहे योगा, नहीं कोई बीमारी
बारापत्थर निवासी एमपीबी से सेवानिवृत्त 70 वर्षीय अजय चौबे कहते हैं कि योगा, प्राणायाम का ही कमाल है कि आज तक कोई बीमारी उन्हें नहीं हुई। वे 22 साल से योगा कर रहे हैं और इसके फायदे भी लोगों को बताते हैं। योगा करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि उन्हें डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ता। वे प्रतिदिन सुबह 5 बजे से पहले उठ जाते हैं और नित्यक्रिया करने के बाद योग क्लास लगाते हैं। उन्होंने बताया कि अगर वे तीन से चार दिन योग नहीं करें तो हाथ पैर दर्द होने लगता है, आलस्य आने लगती है। इसके अलावा भूख नहीं लगती और मन विचलित होने लगता है। उनका कहना है कि योगा का महत्व वही जान सकता है जो इसमें घुला हुआ है। वर्तमान में योग की आवश्यकता बढ़ गई है। योग से दुष्प्रवृतियां मनुष्य के पास नहीं फटकती हैं।