शहादत को मासूमों का नमन

मौन रखकर दी श्रद्धांजलि,
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Updated: 20 Sep 2016, 11:32 AM IST
seoni
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सिवनी.
जम्मू-कश्मीर के उरी स्थित सेना मुख्यालय पर हुए आत्मघाती हमले हमले में भारतीय सेना के 17 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं सुरक्षा बलों ने इस हमले में शामिल सभी चार आतंकियों का मार गिराया गया है। इस हमले में 18 जवान घायल भी हुुए हैं। इस आतंकी हमले की घटना से आमजनों के साथ स्कूली बच्चे भी गमगीन हैं।

नगर से जबलपुर रोड पर साईंपुरम के सामने स्थित महर्षि विद्या मंदिर में सभी शहीद जवानों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनिट का मौन रखा गया। इस अवसर पर शाला के प्राचार्य अशोक डहेरिया ने कहा की हमारे देश को ऐसी क्षति पहुंची जिसकी क्षतिपूर्ति होना असंभव है, लेकिन हमें ऐसी वीर जवानों को कभी नही भूलना चाहिए जो खुद अपनी जान जोखिम में डालकर रात-दिन जागकर हमें चैन की नींद सोने देते है। लेकिन जब कोई सेना का जवान शहीद होता है तो लगता है कि हमारे देश का कोई सितारा कही दूर जाकर छिप गया।

इस अवसर पर योग षिक्षक सतीश मिश्रा ने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहां गंगा-यमुनी संस्कृति है। यहां एक ओर मंदिर की घंटी की आवाज सुनाई देती है तो दूसरी ओर अजान भी होती है, एक ओर दीपावली होती है तो वहीं दूसरी ओर ईद भी मनाई जाती है। जिसमें सभी लोग मिलजुलकर खुशियांं बांटते हैं, लेकिन ऐसे चंद लोग हैं, जिनका ना कोई धर्म होता है, ना ईमान। ऐसे लोग बेगुनाहों के लहू को बहाकर पूरे विश्व में राज करने का सपना देखते हैं, जो कि असंभव है। बच्चों को इन लोगों की परछाई से भी दूर रहकर हमेशा इंसानियत और विकास के साथ आगे बढते रहना चाहिए। इस अवसर पर शहीद स्मारक प्रतीक चिन्ह पर पुष्पमाला अर्पित किया गया, जिसमें निर्मल बी जोसफ सहित शाला के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।


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