सिवनी. नगरपालिका परिषद सिवनी द्वारा शहर में सडक़ किनारे अतिक्रमण हटाया जा रहा है। हालांकि इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर पालिका केवल सडक़ किनारे छोटे दुकानों पर ध्यान दे रही है। जबकि बड़े दुकानदारों पर अतिक्रमण की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बीते 15 दिनों […]
सिवनी. नगरपालिका परिषद सिवनी द्वारा शहर में सडक़ किनारे अतिक्रमण हटाया जा रहा है। हालांकि इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर पालिका केवल सडक़ किनारे छोटे दुकानों पर ध्यान दे रही है। जबकि बड़े दुकानदारों पर अतिक्रमण की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बीते 15 दिनों के भीतर दूसरी बार नगर पालिका ने कचहरी चौक से लेकर एलआईसी ऑफिस तक सडक़ किनारे छोटी दुकानों को हटाया। दुकानदारों का कहना है कि इससे हमलोगों का रोजगार छिन गया और उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों का सामान सडक़ पर बिखर गया। दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका बिना कोई स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानों को हटा रही है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से टूट चुके हैं।
पूरे शहर में फैला हुआ है अतिक्रमण
अतिक्रमण का जाल पूरे शहर में फैला हुआ है। नगर पालिका की कार्रवाई सिर्फ चुनिंदा इलाकों में ही की जा रही है। स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का आरोप है कि बुधवारी बाजार, शुक्रवारी चौक, डूंडासिवनी चौक, छिंदवाड़ा चौक, बस स्टैंड क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस से लेकर सोमवारी चौक, भैरोगंज तक बड़े स्तर पर अतिक्रमण है, लेकिन इन इलाकों में नगर पालिका कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती। लोगों का कहना है कि बड़े व्यापारी और प्रभावशाली लोगों के दबाव में नगर पालिका छोटे दुकानदारों को प्रताडि़त कर खानापूर्ति कर रही है।
इनका कहना है..
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हर जगह की जा रही है। इसे लेकर किसी को रियायत नहीं दी जा रही है और न दी जाएगी।
विशाल सिंह मर्सकोले, सीएमओ, नपा, सिवनी