बाल अधिकारी संरक्षण आयोग सदस्य ने अधिकारियों को दिए निर्देश
सिवनी. मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनुराग पांडे ने जिले के विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर बाल संरक्षण, शिक्षा एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। दो दिवसीय प्रवास के दौरान उन्होंने संस्था विशेष गृह, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, शैक्षणिक संस्थान, आश्रय गृह एवं विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। सिवनी में विशेष गृह के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के शयनकक्ष, भोजन कक्ष, रसोई, गतिविधि परिसर और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किशोरों से व्यक्तिगत चर्चा की और उनके अनुभवों को जाना। उन्होंने बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि विवादित किशोरों और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित प्रक्रियाओं का परीक्षण किया एवं बालहित में विधि-संगत त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मनोज लारोकर भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को नई शिक्षा नीति 2020 का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के बारे में जानकारी देने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने महात्मा गांधी शासकीय विद्यालय बारापत्थर, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर विद्यालय एवं छात्रावास बोरदई, सीडब्ल्यूएसएन विद्यालय एवं छात्रावास का निरीक्षण किया। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी। इस दौरान सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग लालसीराम मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे, जिला परियोजना समन्वयक महेश बघेल, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मुकेश सेन एवं सदस्यगण उपस्थित रहे। उन्होंने आशादीप विद्यालय का भी निरीक्षण किया और दिव्यांग बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करने की जानकारी दी।
विभागीय अधिकारियों की बैठक
सदस्य की अध्यक्षता में बींझावाडा स्थित कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन सहित बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में बाल संरक्षण एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालहित के प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।