सिवनी. शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया निर्धारित तिथि से पहले बंद किए जाने से नाराज आष्टा पिपरिया के किसानों का प्रदर्शन दसवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। हालांकि बुधवार को नागरिक आपूर्ति निगम की टीम किसानों को समझाइश देने पहुंची थी, लेकिन किसान नहीं मानें। उनका कहना था कि जब […]
सिवनी. शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया निर्धारित तिथि से पहले बंद किए जाने से नाराज आष्टा पिपरिया के किसानों का प्रदर्शन दसवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। हालांकि बुधवार को नागरिक आपूर्ति निगम की टीम किसानों को समझाइश देने पहुंची थी, लेकिन किसान नहीं मानें। उनका कहना था कि जब तक कोई जनप्रतिनिधि आकर उन्हें आश्वासन नहीं दे देता तब तक वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। वहीं धान से लदे 12 ट्रक भी जाने नहीं देंगे। दरअसल किसान एक फरवरी से आष्टा पिपरिया धान खरीदी केन्द्र पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने केन्द्र पर अन्य किसानों से खरीदी की गई धान भी रोक रखी है। धान की बोरियां 12 ट्रक में लदी हुई हैं। बुधवार को नागरिक आपूर्ति निगम की टीम किसानों को समझाइश देने पहुंची और ट्रक को ले जाने के लिए कहा। मामला सुलझने ही वाला था कि पिपरिया निवासी किसान राजकुमार बिसेन ने खुद के ऊपर पेट्रोल छिडकऱ आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि समय रहते पुलिसकर्मियों ने किसान को आग लगाने से रोक दिया और हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों के सामने उसकी काउंसलिंग की। जैसे ही अन्य किसानों को इसकी सूचना लगी वे बड़ी संख्या में खरीदी केन्द्र पर पहुंच गए। ऐसे में नागरिक आपूर्ति निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
किसानों के साथ मुख्यमंत्री से मिले थे विधायक
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी फिर से शुरु करने को लेकर बीते दिन बाघालाट आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने बरघाट विधायक कमल मर्सकोले किसानों के दल के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया था। इसके बाद विधायक किसानों के साथ वापस लौटे। उम्मीद थी कि एक से दो दिन में मुख्यमंत्री किसानों की समस्या का निराकरण कर देंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
यह है मामला
शासन ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 13 जनवरी निर्धारित की थी, लेकिन पोर्टल 8 जनवरी को ही बंद कर दिया गया। ऐसे में जिले के कई किसान अपनी धान विक्रय नहीं कर पाए। आष्टा पिपरिया खरीदी केन्द्र पर 2 फरवरी से कई किसान धरने पर बैठ गए। किसानों ने समर्थन मूल्य पर खरीदी हुई धान की बोरियों से लदे 12 ट्रक भी रोककर रखा है। उनकी मांग है कि जब तक शासन खरीदी नहीं करेगा तब तक वे ट्रक को जाने नहीं देंगे। उन्हें जनप्रतिनिधि आकर आश्वासन दें।
इनका कहना है…
किसानों ने 12 ट्रक रोके हुए हैं। बुधवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाइश दी गई। वे मान भी गए थे, लेकिन इसी दौरान एक किसान ने आत्मदाह का प्रयास किया। ऐसे में ट्रक को नहीं ले जाया जा सका। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहां से जो निर्देश मिलेंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश सनखेरे, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम